ब्रह्मखाल/सुरेश चंद रमोला ।विश्व प्रसिद्ध न्याय के प्रामाणिक उत्तराखंड के प्रसिद्ध देवता बौखनागराजा की तिसाली जात्रा बडे धूमधाम से मनाई गई। हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाली इस जात्रा की पूर्व संध्या उतराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक जागर सम्राट प्रीतम भरत्वाण के नाम रही। बौख नागराजा को सपर्पित इस मेले की जात्रा की मनमोहक प्रस्तुतियों से सैकडो की संख्या मे उपस्थिति श्रद्धालुओं का मन खुशियों से भर गया और लोग थिरकने को मजबूर हो गये। बाबा बौखनाग की स्तुति और क्षेत्रिय देवता विश्वराणा की प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। सरुली मेरु मन लगगि, सुबधा नालू पाणी गैचि, बांद बिजोरा,बांद अमरावती , मोरी रख्या खोली, बिंदुली, गजिमाला जैसी अनेक लोकगीतों और जागरों की प्रस्तुयों पर लोगो ने देर रात तक समा बांधे रखा। लोक गाईका सीमा पनरियाल और शिवानी नेगी ने भी सिलक्यारा टनल मे पिछले वर्ष घटित घटना पर आधारित बौखनाग की कृपा का वाख्यान अपने मधुर स्वरो और गीतों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
सिलक्यारा टनल के पास आयोजित इस सांस्कृतिक संध्या मे विदेशी मेहमान टनल विशेषज्ञ आस्ट्रेलियायी नागरिक आरनोल्ड डिक्स और लाँरेश मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहे। बौखनाग मेला समिति के अध्यक्ष ब्लाक प्रमुख डुंडा शैलेन्द्र कोहली ने क्षेत्र के बडी तादाद मे उपस्थित लोगो का धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि बौख मेला राजकीय मेला घोषित होने से इसकी भब्यता और दिब्यता बढी है।
पद्म श्री सम्मान से सम्मानित प्रीतम भरत्वाण के ने कहा कि जीवन मे बहुत प्रस्तुतियां दी मगर जो भाव बौखनाग के प्रति मेरे मन मे पैदा हुआ उससे मै भाउक हूं। आरनोल्ड डिस्क ने बताया कि जब टनल बंद हुई और मै टनल के अंदर गया था तो मेरे मन की फीलिंग कुछ ऐसी थी कि उसे मै बंया नही कर सकता और यहाँ किसी अदृश्य शक्ति का मुझे एहसास हुआ था।
इस कार्यक्रम मे क्षेत्रीय विधायक संजय डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक विजल्वाण, पूर्व न्यायधीश जयदेव शाह, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य शशी कुमाई, सत्येन्दर कुमाई, भाजपा नेत्री स्वराज विद्वान, प्रकाश चंद रमोला, रामसुन्दर नौटियाल, विजय बढोनी, रविंद्र भंडारी, मदन विजल्वाण, आलेन्द्र भंडारी, कर्ण सिंह, महावीर रावत, द्रवेश विजल्वाण आदि लोग उपस्थित रहे।

