उत्तरकाशी/ अरविन्द थपलियाल।घराट श्रृंखला के अध्यक्ष एवं नेचर नेटवर्क के समन्वय विजयेश्वर प्रसाद उर्फ अनिल डंगवाल ने कहा कि प्रकृति सर्वोपरि है हम सब की उत्पति एवं जीवन का आधार भी प्रकृति ही है हमारे जीवन में जो भी घटित होता है उस में भी कहीं न कहीं प्रकृति का ही समावेश होता है जल,अन्न, वायु हमारे जीवन का आधार हैं और ये सब प्रकृति से ही उतपन्न हैं इस बात को हमारे बुजुर्ग जानते थे और वो ये भी समझते थे कि आने वाली नस्ल प्रकृति के उपकारों को सहजता से नहीं समझ पायेगी इस लिए उन्होंने प्रकृति के व्यवहार के अनुरूप अनेक त्यौहार बनाए जिस से कभी न कभी वो उस त्यौहार का अर्थ जानने के लिए उस का इतिहास खगांले और जान सकें कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति को नमन करने हेतु ये दिवस सुनिश्चित किया है जिसने हमें जीवन जीने की हर वस्तु प्रदान की है चाहे वो प्राण वायु हो या बदन ढकने हेतु कपडा हर वस्तु जिसे हम भोग रहे हैं ये प्रकृति की ही देन हैआज मनुष्य जीवन की अन्धी दौड़ में दौड़ रहा है और अनावश्यक रूप से भी प्रकृति का दोहन कर रहा है जब कि प्रकृति ने बार बार हमें चेताया है कि कोई भी प्रकृति से श्रेष्ठ डिजाइनर नहीं हो सकता वो जब चाहे धार को अपने अनुरूप बना सकती है
जनपद में विभिन्न स्कूल कालेजों के साथ ही आनेक सामाजिक सरोकारों से जुड़े लोगों व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से जुड़े लोगों ने प्रकृति नमन दिवस मनाया इस मौके पर समुद्र से हिमालय तक मुम्बई राज भवन से देहरादून तक पदम् भूषण डाक्टर अनिल प्रकाश जोशी जी के सहयोगी रहे श्री देवेश कोठारी ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम प्रकृति के साथ प्रगति करें अपने जीवन को सरल बनायें विज्ञान का उपयोग जीवन को सरल बनाने के लिए बहुत उपयोगी है किन्तु प्राकृतिका विज्ञान सबसे अधिक उपयोगी है। निम्न विद्यालय में मनाया गया प्रकृति नमन दिवस
राजकीय इंटर कॉलेज डुण्डा, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज डुण्डा देवी धर, राजकीय इंटर कॉलेज चमियारी चिन्यालीसौड़, राजकीय हाई स्कूल अठाली भटवाड़ी, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज डुण्डा, एवं बृजा इंटर कॉलेज चिन्यालीसौड़ सामिल थे जिनमें डाक्टर सुधीर उनियाल, गीतांजलि जोशी, सुरेन्द्र रावत,महावीर सिंह विनोद घिल्डियाल।

