जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट /उत्तरकाशी
उच्चतम न्यायलय व राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में पुरे जिले भर में एक पखवाड़े तक लगभग सभी विभागों, सामाजिक संघठनों, संस्थाओं द्वारा जोर शोर से स्वछता अभियान चलाया गया, यमुनोत्री धाम में भी अभियान के तहत साफ सफाई की गई लेकिन यहां जो कूड़ा एकत्रित किया गया है उसको निस्तारित करने की जिम्मेदारी जिला पंचायत की है, जिला पंचायत द्वारा न तो यमुनोत्री धाम व न यमुनोत्री पैदल मार्ग पर एकत्रित कूड़े को आज तक निस्तारित किया गया है, जिससे ऐ कूड़े के ढेर अब यमुनोत्री जाने वाले श्रद्धालुओं व तीर्थ पुरोहितों, मंदिर समिती को मुँह चिढ़ा रहें हैं !
यमुनोत्री मंदिर समिती के सचिव सुरेश उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि यमुनोत्री धाम में माँ यमुना जी की धारा से निकालने के बाद एकत्र किए गए कूड़ा, साड़ीयां, कपड़े आदि को ढेर लगा कर रखा गया है, इसके निस्तारण की जिम्मेदारी जिला पंचायत उत्तरकाशी के माध्यम से होना सुनिश्चित किया गया है, लेकिन अभी तक न तो यमुनोत्री धाम से एवं न ही यमुनोत्री पैदल मार्ग में लगे हुए डस्टबीनों से कुड़ा निस्तारण की व्यवस्था की गई है, जिसकी सुचना मंदिर समिति द्वारा जिला अधिकारी उत्तरकाशी एवं उपजिला अधिकारी बड़कोट (अध्यक्ष श्री यमुनोत्री मंदिर समिति) यमुनोत्री धाम को भी दी गई है लेकिन अभी तक कोई भी कार्यवाही अमल में नहीं लाई गई है?? इस कुडे की वजह से आस पास के पर्यावरण एवं माँ यमुना जी की धारा को भी प्रदुषित होने का खतरा है! जिला पंचायत की लापरवाही के चलते यमुनोत्री धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के मन में स्वछता के प्रति क्या छवि बनती होगी यह विचारणीय है !

