नौगांव । नौगांव विकासखंड के अंतर्गत आने वाले सारिंगाड़-कंडारी मोटर मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी है। सड़क कई स्थानों पर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिससे रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि 28 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि मौन साधे हुए हैं।
ग्रामीण मुकेश गौड़, महेंद्र, श्यामलाल गौड़, राजेश और गुड्डू सहित अन्य लोगों ने कहा कि सड़क की हालत पर लिखते हुए भी शर्म महसूस होती है, लेकिन दर्द इतना बड़ा है कि चुप रहना भी संभव नहीं है। उनका कहना है कि क्षेत्र के लोग प्रतिदिन इस मार्ग पर आवाजाही करते हैं और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत सड़क निर्माण का टेंडर एक वर्ष पूर्व पास हो चुका था, लेकिन मामला न्यायालय में पहुंचने व निर्णय होने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। उनका कहना है कि जिस दर पर टेंडर जारी हुआ था, उसी दर पर ठेकेदार काम करने को तैयार था, लेकिन कुछ लोगों की द्वारा सड़क निर्माण अधर में लटक गया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि आखिर किस कारण से इस सड़क का निर्माण कार्य लगातार अटका हुआ है और कौन लोग इसके पीछे हैं, यह समझ से परे है। उनका आरोप है कि नेताओं, ठेकेदारों, दलालों और विभागीय तंत्र के बीच आम जनता की परेशानियां कहीं खो गई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि आगामी दिनों में भगवान रघुनाथ जी के प्रसिद्ध “जागड़ा” मेले का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सड़क की खस्ताहाल स्थिति श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
इसके अलावा किसानों को अपनी नगदी फसल और अन्य कृषि उत्पाद मंडियों तक पहुंचाने में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि जागड़ा मेले से पूर्व सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शुरू कराया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र की जनता आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी।

