जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट /उत्तरकाशी
बड़कोट तहसील क्षेत्रातंर्गत बनाल पट्टी के गैर गांव में मुखत्यार परिवार द्वारा भगवान मड़केश्वर,राजा रघुनाथ एवं समस्त पित्र देवों के सानिध्य में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ का संपूर्ण विधि विधान से समापन हो गया ! कथा में तीन देव डोलियां राजा रघुराज महाराज, कालिगनाग महाराज एवं सोमेश्वर महाराज सम्मिलित हुईं, एवं कथा के अंतिम दिन सभी देव डोलियों ने अपने अपने धाम को प्रस्थान किया । श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में व्यास पीठ पर विराजमान प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य मनोज गैरोला ने अंतिम दिवस भगवान श्री कृष्ण और सुदामा जी का चरित्र सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया इसके साथ ही ब्यास पीठ से गैरोला ने इंसान को कभी भी अभिमान न करने की हिदायत दी और कहा कि अपने कमाई का कुछ अंश धार्मिक कार्यों में जरुर लगाना चाहिए, उत्तराखंड देवभूमि है यहां धर्म की पूजा देवता भी करते हैं, उन्होंने कथा श्रवण करने आये श्रोताओं का आह्वान किया कि यहां प्रत्येक कण कण में भगवान व देवता विराजते हैं इसलिए इस देवभूमि के हर मानुष को धर्म की रक्षा के लिए अपने सामर्थ्य से अंशदान अवश्य करना चाहिए |,कथा में मंडपाचार्य का कार्य आचार्य डॉ. महावीर प्रसाद गैरोला ने किया।,कथा में मुखत्यार परिवार के आगम दत्त नौटियाल, जयंती प्रसाद नौटियाल, राम प्रसाद नौटियाल, रामलाल नौटियाल, रमेश नौटियाल, अनिल नौटियाल, भगवती नौटियाल, सुनील नौटियाल, सुरेश नौटियाल, दिनेश नौटियाल, प्रवीण नौटियाल ललित नौटियाल,कविता नौटियाल, सुनीता नौटियाल सहित सैकड़ो की संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे।

