बड़कोट (उत्तरकाशी):
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात State Disaster Response Force (SDRF) टीम ने यमुनोत्री पैदल मार्ग पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 7 वर्षीय बालिका की जान बचाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
मंगलवार को यमुनोत्री धाम से दर्शन कर लौट रहे एक श्रद्धालु परिवार की 7 वर्षीय बालिका (निवासी विशाखापत्तनम) भैरव मंदिर के समीप अचानक ऑक्सीजन की कमी के कारण अचेत होकर गिर पड़ी। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही भैरव मंदिर क्षेत्र में तैनात SDRF टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बिना समय गंवाए बच्ची का रेस्क्यू कर उसे नजदीकी मेडिकल कैंप तक पहुंचाया। जांच के दौरान बच्ची का ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल मात्र 45 पाया गया, जो बेहद गंभीर स्थिति को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी कम ऑक्सीजन की स्थिति में यदि तुरंत उपचार न मिले तो कुछ ही मिनटों में जान का खतरा हो सकता है।
SDRF टीम और चिकित्सा स्टाफ ने तत्काल बच्ची को ऑक्सीजन सपोर्ट दिया, जिससे कुछ ही समय में उसे होश आ गया और उसकी हालत में तेजी से सुधार होने लगा। लगभग आधे घंटे तक निगरानी में रखने के बाद बच्ची को पूर्णतः स्वस्थ अवस्था में उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
घटना के बाद परिजनों ने SDRF टीम की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया। चारधाम यात्रा के दौरान SDRF द्वारा संवेदनशील स्थानों पर 24×7 टीमें तैनात की गई हैं, साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए मेडिकल कैंप और ऑक्सीजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन में आरक्षी भूपेंद्र सिंह एवं आरक्षी सुभाष सिंह (SDRF) की अहम भूमिका रही।

