जयप्रकाश बहुगुणा
उत्तरकाशी
कृषि, मत्स्य, डेरी विकास, पशुपालन आदि में महत्वकांक्षी योजनाओं से लोगों को स्वरोजगार से जोड़ते हुये आय सृजन की दिशा में अधिक से अधिक उपयोगी कार्य किये जायें । सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार ने रेखीय विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेते हुये यह बात कही ।उन्होंने कहा कि कृषि के क्षेत्र में परम्परागत बागवानी जैसी कई लाभप्रद योजनाएं संचालित है । जिसमें विभिन्न योजनाओं के जरीये किसान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते है ।
मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में उपस्थित संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि डेरी, पशुपालन, मत्स्य, आजीविका, उद्योग आदि के क्षेत्र में चलायी जाने वाली योजनाओं संबधी जानकारियां सुदूरवर्ती क्षेत्रों में अवश्य रूप से प्रदान की जाये ।उन्होंने कहा कि डेरी विकास के अंन्तर्गत दुग्ध उत्पादन को उचित बाजार मिले इस सबंध में ठोस कार्य योजना बनाई जाये । जिन विभागों द्वारा स्थानीय स्तर पर योजनाएं संचालित है कि जा रही है वे समय- समय पर इसकी अवश्य रूप से मानिटरिंग करना भी सुनिश्चित करें । उन्होंने कहा कि आजीविका संवर्धन व सृजन के क्षेत्र में बहुयामी प्रयास स्थापित कियें जाये । जिससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिले व स्वरोजगार के नये संसाधन सृजित हो ।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी जे.पी.तिवारी,सहायक निदेशक मत्स्य उपेन्द्र प्रताप सिंह, जिला पर्यटन विकास अधिकारी राहुल चौबे, महाप्रबंधक उद्योग शैली डबराल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे ।

