सुरेश चंद रमोला
ब्रह्मखाल उत्तरकाशी–
अंजली पुत्री नहीं पुत्र से बढ़कर थी। घर पर चार सदस्यों के पालन पोषण का भार संभालती अंजली कढी मेहनत कर घर पर बुजुर्ग दादी, बीमार पिता, कोमा में गये भाई और लाचार मां की हंसी-खुशी का सहारा बनी हुई थी। भगवान के घर पर ये कैसा न्याय है जिस परिवार पर इतना बड़ा दुखों का पहाड़ पहले से ही है उस परिवार को बेसहारा कर दिया। 10 मई को कल्याणी के पास कार हादसे में फेडी गांव की इस शाहसी बेटी अंजली की मौत हो गई थी। भाग सिंह पहले से ही अभागा रहा 18 वर्ष का बेटा गणेश पिछले साल से कोमा में हैं अपने आप लकवाग्रस्त अंपग है और चल-फिर नहीं सकता, घर पर बूढ़ी मां भी है जिन्हें अंजली के हौसले ने संभाला था। अब ये परिवार बेसहारा बन कर रह गया हालात यह है कि घर पर खाने को एक जून की रोटी भी नहीं है। आज गेंवला पुलिस चौकी के इंचार्ज समीप पांडे ने देवदूत बनकर भाग सिंह के घर पर पंहुच कर पन्द्रह हजार और राशन की फौरी राहत दी। पुलिस की इस दरियादिली की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है, मगर जिन नेताओं को क्षेत्र से चुनकर जनप्रतिनिधि बनाया क्या उनका कोई दायित्व नहीं बनता था कि इस दुखी परिवार का वै भी सहारा बनते। चुनाव के समय अपने वादों से जनता को बरगला कर अपने को वै जन हितैषी जरुर साबित कर लेते हैं मगर दुख में काम नहीं आते।स्थानीय निवासी व टैक्सी संघ के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह रावत ने क्षेत्र वासियों से अपील की है कि इस बेसहारे भाग सिंह की मदद के लिए लोग आये और इस दुख की घड़ी में सहारा बने।
टीम यमुनोत्री Express

