बड़कोट। रवांई क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल माँ रेणुका धाम सरनोल में उत्सव डोली के पारंपरिक भ्रमण के अवसर पर भव्य पौराणिक मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान क्षेत्र सहित दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु धाम पहुंचे और माँ रेणुका के दर्शन कर सुख, समृद्धि एवं मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद प्राप्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ माँ रेणुका की विशेष पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद परंपरा के अनुसार उत्सव डोली का गांव के प्रत्येक परिवार और घरों में भ्रमण कराया गया। डोली के आगमन पर ग्रामीणों ने श्रद्धा एवं उत्साह के साथ माँ का स्वागत किया तथा परिवार की खुशहाली और कल्याण की कामना की।
उत्सव डोली के मंदिर परिसर पहुंचने पर धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। इस दौरान देव पशवा ने पारंपरिक रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए धारदार हथियार परशा के ऊपर चलकर श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। इस अद्भुत और प्राचीन परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर में मौजूद रहे। धार्मिक आस्था और लोक परंपरा के इस अनूठे संगम ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
मेले में श्रद्धालुओं ने माँ रेणुका के जयकारों के साथ पूजा-अर्चना की और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही तथा धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन होता रहा।
इस अवसर पर मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं को माँ रेणुका के इतिहास, महत्व और उनसे जुड़ी पौराणिक गाथाओं की विस्तृत जानकारी दी। समिति ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और स्थानीय संस्कृति एवं आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मेले के सफल आयोजन में मंदिर समिति, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। आयोजन ने एक बार फिर क्षेत्र की समृद्ध लोक संस्कृति, धार्मिक आस्था और पारंपरिक विरासत को जीवंत करने का कार्य किया।

