बड़कोट (उत्तरकाशी)।उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियों में टकराव से क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं में भारी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। एक ही दिन या आसपास निर्धारित परीक्षाओं के कारण अभ्यर्थियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
बड़कोट क्षेत्र के बेरोजगार छात्र अमित सिंह, सुमित, विवेक, प्रकाश, सुरेंद्र सहित कई युवाओं ने बताया कि उन्होंने दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है, लेकिन परीक्षा तिथि एक होने से अब उन्हें मजबूरी में किसी एक परीक्षा को छोड़ना पड़ सकता है। युवाओं का कहना है कि यह उनके भविष्य और रोजगार के अवसरों के साथ अन्याय है।
अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की है कि परीक्षा की तिथियों में बदलाव किया जाए ताकि सभी उम्मीदवार दोनों परीक्षाओं में शामिल हो सकें। उनका कहना है कि लंबे समय से तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह स्थिति बेहद निराशाजनक है।
युवाओं ने सरकार और संबंधित आयोगों से जल्द समाधान निकालने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
क्या कहते हैं अभ्यर्थी:
अभ्यर्थियों का कहना है कि “एक ही दिन परीक्षा होने से हमारी वर्षों की मेहनत पर पानी फिर सकता है। सरकार को तुरंत तिथि बदलनी चाहिए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके।”
प्रशासन से उम्मीद:
स्थानीय युवाओं को उम्मीद है कि आयोग उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही परीक्षा तिथियों में संशोधन करेगा, जिससे सैकड़ों अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।

