नौगांव/उत्तरकाशी। शनिवार को उद्यान केंद्र कफनौल के अंतर्गत सेब की संघन वागवानी का एक दिवसीय प्रशिक्षण बागवानो को दिया गया जिसमें मुख्य उद्यान अधिकारी डॉक्टर रजनीश और नीदरलैंड के औद्योनिक विशेषज्ञ पीटर जी धारी कफनौल क्षेत्र में पालुका निवासी कमल सिंह के सेब के बगीचे में पंहुचे जहां भारी संख्या में सेब के बागवान पंहुचे।
सेब की संघन वागवानी को लेकर विशेषज्ञो ने बताया कि विभिन्न प्रजातियों के सेब के पौधे लगे और समय समय पर पौधों के लिए खाद्य पानी की मात्रा की सही जानकारी हो जिससे पैदावार और पेड़ों की सही ग्रोथ बढे।
मालूम हो कि रूटस्टाक सेब की संघन वागवानी एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें पारंपरिक खेती की तुलना में कम जगह में अधिक पौधों को वैज्ञानिक तरिके से लगाया जाता है, इसमें सामान्य बीजों की जगह विशेष रूप से तैयार बौने पौधे रोपे जातें हैं,और ड्राफ्ट रूटस्टाक की कलम लगाई जाती है, जिसमें पौधे कम समय में फल देना शुरू कर देतें हैं।
क्षेत्रिय बागवानों को संघन वागवानी की जानकारी वहां पंहुचे उद्यान अधिकारियों और विशेषज्ञों ने दी।
जिला उद्यान अधिकारी डॉक्टर रजनीश ने बताया कि जनपद में सेब की बागवानी भरपूर मात्रा में हो रही है और लोगों को इससे लाभ भी मिल रहा है, उद्यान विभाग की तरफ से बागवानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है और एप्पल मिशन योजना के तहत पूरा लाभ दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में औद्योनिक समिति के सदस्य संजय थपलियाल, उद्यान प्रभारी कफनौल विनय रावत,राजीव चौहान,अनूप थपलियाल,हरिश चौहान, सहित बागवान कमल सिंह राणा,जुदवीर सिहं, सीताराम, मनोज कुमार, जयवीर सिहं, संकित थपलियाल, विजेंद्र लाल,जोगेश्वर डोभाल, दयाराम,भगवती प्रसाद सहित दो दर्जन से अधिक बागवानों ने सेब की संघन वागवानी का प्रशिक्षण लिया।

