
सुनील थपलियाल
बड़कोट/उत्तरकाशी।
विद्युत संशोधन बिल 2025 एवं ऊर्जा क्षेत्र के निजीकरण के विरोध में ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन तथा विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर बड़कोट क्षेत्र में बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक दिवसीय कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने केंद्र सरकार से विद्युत संशोधन बिल को वापस लेने की मांग की।
कर्मचारियों का कहना है कि प्रस्तावित विद्युत संशोधन बिल 2025 से ऊर्जा क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा, जिससे आम उपभोक्ताओं और कर्मचारियों दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसी को लेकर पूरे देश में बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी विरोध जता रहे हैं।
आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती है तो नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉईज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर उत्तराखंड प्रदेश के समस्त विद्युत अधिकारी और कर्मचारी व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। कर्मचारियों ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
इस आंदोलन को सफल बनाने में अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के यमुना घाटी संयोजक अजय सेमवाल, अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह मराठा, सचिव संतोष शाह, कार्यवाहक अध्यक्ष विपिन रावत, उपाध्यक्ष जगत नेगी, संगठन मंत्री मोहन विश्वकर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज कुमार, नीरज नौटियाल, मनीषा जयाड़ा, मीमा देवी, सपना, बुद्धि सिंह कफोला, प्रेम लाल, सुमन सेमवाल, नरेश लाल, नवीन कुमार, सुनील राणा, साहिल, आशीष, सुनील शाह, सोहन विश्वकर्मा, दीपक कुमार, ऋषभ जयाड़ा, राजवीर नेगी, मंगलानंद पेटवाल, विकेश राणा, सुरेश असवाल, गजेन्द्र सिंह चौहान, विदेश चौहान, सर्वेश जयाड़ा, संजय कुमार, मुकेश लाल, धमेन्द्र पंवार सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
टीम यमुनोत्री Express

