नौगांव । मुंगरसन्ति के मानड़गांव में भक्ति ज्ञान श्रीमद्भागवत कथा के आयोजन का शुभारंभ हो गया इस दौरान भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें सुंदर परिधानों में सजे सैकड़ों स्त्री पुरुष शामिल हुये।
श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर कलश यात्रा रूद्रेश्वर महादेव और कथा वक्ता शिवप्रसाद नौटियाल के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार से संपन्न हुई।
मालूम हो कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन रामलाल थपलियाल की तरफ से सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा जिसमें ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों की तरफ से उत्साह से सहयोग किया जा रहा है।
श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस पर कथा वक्ता आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल ने प्रथम दिवस की शुरूआत मंगलाचरण और व्यासपीठ पुजा से की और श्रीमद्भागवत महात्म्य का वर्णन से शुरूआत की।
आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल ने व्यास पीठ से बताया कि नैमिषारण्य में शौनकादि ऋषियों के वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा भक्ति, ज्ञान,और बैराग्य जागृत करती है।
इसके अलावा व्यास पीठ से नौटियाल ने बताया कि भागवत भक्ति कल्याण का मार्ग है और मानड़गांव और मुंगरसंन्ति क्षेत्र के जनमानस धन्य हैं, जहां भागवत कथा चलकर आई है।
प्रथम दिवस की कथा में राजा परीक्षित के प्रसंग और कलियुग के प्रभाव सहित तमाम प्रसंग सुनाये और बताया की भागवत कथा ही भक्ति का मार्ग है।
आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल कमल संस्कृत विद्यालय से प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हैं और ख्यातिप्राप्त कथा वक्ता हैं,और नौटियाल सैकड़ों की संख्या में देश प्रदेश और क्षेत्र में भक्ति ज्ञान कथाओं का वाचन कर चुके हैं।
आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल की कथाओं में श्रोताओं की संख्या बढ़-चढ़कर के प्रतिभाग करती है।
श्रीमद्भागवत कथा के अवसर पर मंडापाचार्य विशालमणि डोभाल, आशिष डोभाल,रामलाल ,केशवानंद थपलियाल, शशी मोहन, रामस्वरूप, राजेन्द्र प्रसाद, सहित तमाम माली पुजारी और वेद पाठी ब्रहामण सहित तमाम सैकड़ों श्रोता उपस्थित रहे।

