बड़कोट:
राजकीय महाविद्यालय बड़कोट में प्राचार्य महोदय की अध्यक्षता में IQAC के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कौशल विकास एवं रोजगार-योग्यता विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन अर्थशास्त्र विभाग प्रभारी एवं स्किल डेवलपमेंट कोर्सेज के नोडल अधिकारी श्री आशीष नौटियाल द्वारा किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्री नौटियाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग और वैश्विक अर्थव्यवस्था में तकनीकी कौशल और उद्यमशीलता का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में FutureSkills Prime (भारत सरकार व NASSCOM), Infosys Springboard (Infosys) तथा Wadhwani Foundation द्वारा संचालित जीवन कौशल कार्यक्रम जैसे प्लेटफॉर्म विद्यार्थियों को नवीनतम कौशल, रोजगार-योग्यता और उद्यमिता के व्यापक अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्राध्यापकों के माध्यम से छात्रों तक इन प्लेटफॉर्म्स की व्यावहारिक एवं विस्तृत जानकारी पहुंचाना है। इस अवसर पर
कौशल विकास और रोजगार-योग्यता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया,
विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पंजीकरण प्रक्रिया एवं आवेदन का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया,
तथा छात्रों से जुड़े संभावित प्रश्नों के समाधान पर चर्चा की गई।
श्री नौटियाल ने बताया कि FutureSkills Prime एक विश्वस्तरीय डिजिटल स्किल कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य युवाओं को आईटी, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा साइंस जैसे आधुनिक विषयों में दक्ष बनाना है। इससे छात्रों को उद्योग की मांग के अनुरूप सर्टिफिकेशन, दक्षता और प्लेसमेंट रेडीनेस प्राप्त होती है।
वहीं Infosys Springboard को उन्होंने एक समग्र लर्निंग प्लेटफॉर्म बताया, जहाँ एनालिटिक्स, क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल मार्केटिंग, करियर गाइडेंस और सॉफ्ट स्किल्स जैसे पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जो छात्रों को नई तकनीकों से जोड़कर उन्हें रोजगार योग्य बनाते हैं।
Wadhwani Foundation के बारे में उन्होंने बताया कि यह एक वैश्विक गैर-लाभकारी संगठन है, जो उद्यमिता, रोजगार-योग्यता और नवाचार समर्थन के क्षेत्र में कार्य करता है तथा युवाओं को वास्तविक व्यावसायिक अनुभव, नेटवर्किंग और उद्यमशील सोच विकसित करने में सहायता प्रदान करता है।
कार्यशाला में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. अंजू भट्ट, डॉ. रश्मि उनियाल, डॉ. जगदीश चंद्र रस्तोगी, श्रीमती संगीता रावत, श्री विनय शर्मा, डॉ. बी.एल. थपलियाल, श्री दिनेश शाह, डॉ. पुष्पेंद्र सेमवाल, डॉ. प्रश्ना मिश्रा, डॉ. लीलावती एवं डॉ. श्रीकांत चौधरी सहित अन्य प्राध्यापक शामिल थे।
कार्यशाला को सभी प्राध्यापकों ने उपयोगी, ज्ञानवर्धक और छात्रों के भविष्य के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

