नौगांव। प्रखंड के अंतर्गत जरडागांव क्षेत्र में गुलदार के हमले से क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है। जरडागांव निवासी अभी सिंह पुत्र राम सिंह एवं पिंनाटिया सिंह पुत्र कौर सिंह अपनी बकरियों को चुगाने के लिए बनिगाड़ के समीप गंगानी पानी के नजदीक पिपयारा गांव के बीच क्षेत्र में गए हुए थे। इसी दौरान अचानक गुलदार ने उन पर हमला कर दिया, जिससे दोनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनकी हालत को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद देहरादून के लिए रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भय का माहौल फैल गया।
स्थानीय निवासी प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि क्षेत्र में पिछले कई दिनों से गुलदार (आदमखोर) का आतंक बना हुआ है। इस संबंध में वन विभाग को कई बार सूचना दी जा चुकी है। गुलदार द्वारा अब तक कई मवेशियों को अपना शिकार बनाया जा चुका है, इसके बावजूद वन विभाग की ओर से अभी तक गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया गया है, जिससे किसी बड़ी घटना की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों ने बताया कि गंगानी पानी और पिपयारा गांव के बीच का क्षेत्र अत्यधिक पशुपालन वाला इलाका है, जहां जरडागांव, पिपयारा एवं छुडीतेड़ा गांवों के लोग अपने मवेशियों को चुगाने लाते हैं। क्षेत्र में बकरी पालन का कार्य बड़ी संख्या में किया जाता है, जिसमें छोटे-छोटे बच्चे भी अपने पशुओं के साथ जंगल क्षेत्र में जाते हैं। ऐसे में गुलदार की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में भारी आक्रोश और भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि गंगानी पानी के समीप तत्काल गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को गुलदार के आतंक से निजात मिल सके। साथ ही गुलदार के हमले में घायल दोनों व्यक्तियों को वन विभाग द्वारा आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की गई है, जिससे वे अपना समुचित उपचार करा सकें।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो किसी भी समय बड़ी और दुखद घटना घट सकती है।

