उत्तरकाशी। तहसील क्षेत्रान्तर्गत बड़कोट के स्यानचट्टी (कुंसाला) क्षेत्र में आई आपदा की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बड़कोट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया ।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में अवगत कराया है कि स्यानचट्टी क्षेत्र में 28 जून 2025 को भारी भूस्खलन हुआ था, जिससे कृषि भूमि, रास्तों और सिंचाई व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा। आपदा के बाद से आज तक संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही या समाधान नहीं किया गया है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और भविष्य में बड़े नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि भूस्खलन से न केवल खेती-बाड़ी प्रभावित हुई है, बल्कि आवाजाही के रास्ते भी बाधित हैं, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र का तत्काल निरीक्षण कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि पांच दिनों के भीतर समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो 10 जनवरी 2026 से स्यानचट्टी क्षेत्र में जनहित में क्रमिक अनशन शुरू किया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि इसके बाद भी शासन-प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ग्रामीणों द्वारा दिए गए इस ज्ञापन पर जनप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत प्रधान कुंसाला सुचिता और ग्राम प्रधान कुपडा प्रभा ,ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह, यशवंत सिंह, बलबीर सिंह, संजय , राकेश सिंह,कैलाश, अमित राणा,बिमल, सुरेश, राजेश, चैन सिंह, भगत सिंह, जसपाल सिंह, सीता सिंह, चित्रमोहन सहित दर्जनों लोगों के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं। अब क्षेत्रवासियों की निगाहें शासन और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

