नौगांव /अरविन्द थपलियाल।”बुरांस परियोजना ने समुदाय मानसिक स्वास्थ्य के साथ साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें समुदाय के लोगों को नई नई जानकारी और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। बुरांस प्रोजेक्ट के ने हर साल प्रत्येक गांव में दो दो ग्रामीण विकास समूहों के साथ कुछ मॉड्यूल चलाए जाते हैं, जिनमें महिलाओं को सरकारी योजनाओं, बचत, सेल्फ डिपेंड, अपने अधिकारों, इंटरनेट के फायदे और नुकसान ,अपनी झिझक को दूर करना, दस्तावेज बनाने आदि की जानकारी दी जाती है।
इसके परिणामस्वरूप, महिलाएं अब खुलकर अपनी बातों और समस्याओं को रख पा रही हैं और अपनी आजीविका को बेहतर करने के लिए नई तकनीकों और योजनाओं को अपना रही हैं।
उत्तरकाशी जिले के तियां गांव के जयप्रकाश थपलियाल, जो दुग्ध उत्पादक के क्षेत्र में समानित हैं बुरांस परियोजना के द्वारा अलग अलग 36 गांवओ की समूह से जुड़ी महिलाओं को उनके गौशाला में एक्सपोजर विजिट के लिय लिजाया गया है । उन्होंने अपनी आजीविका को आगे बढ़ाने की जर्नी साझा की और मॉडल डेरी, गोबर गैस प्लांट, जैविक खाद प्लांट आदि कार्यों को सफलतापूर्वक किया।
उन्होंने सरकारी योजनाओं, पशुपालन योजना, गोबर गैस प्लांट आदि के बारे में जानकारी दी और समूह की महिलाओं को सही तरीके से लाभ लेने के लिए मार्गदर्शन किया।
ग्रामीण विकास समूह की महिलाएं जयप्रकाश थपलियाल के कार्य से प्रभावित हुईं और अपनी आजीविका को बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए नई दिशा मिली।”जिस में बुरांस परियोजना के परियोजना अधिकारी मनोज रावत ने समूह को ओर सक्षम करने के लिए समूह को उत्साहित किया जिस में महिलाओं ने एक साथ मिली जिस में उन्होंने अपने अनुभव साझा किया प्रोग्राम में बुरांस परियोजना के स्टाफ कृष्णा, साक्षी,रुचि, कविता और यमनोत्री भी साथ रही ।

