जयप्रकाश बहुगुणा
बड़कोट।उत्तरकाशी
वित्त विहीन राजकीय मान्यता प्राप्त स्कूल संगठन यमुनाघाटी इकाई की वार्षिक बैठक बड़कोट मे आयोजित की गई जिसमें स्कूल संचालकों व पदाधिकारियों के साथ कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श कर ठोस निर्णय लिये गये । संघ के जिलाध्यक्ष जयपाल सिंह सजवाण ने पिछली कार्यवाही की समीक्षा करते हुये बताया कि कोविड काल मे संगठन ने शासन प्रशासन स्तर पर आरटीई प्रतिपूर्ति के लिए अथक प्रयास किये और सडक से सदन तक तथा न्यायालय मे भी संघर्ष किया जिसके फलस्वरूप स्कूलों मे प्रतिपूर्ति मिल पाई। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र मे आयोजित संघ की बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुरेश चंद रमोला ने संगठन को मजबूत करने और संगठन का विस्तार करने को लेकर कई महत्वपूर्ण विचार प्रकट किये। उन्होने कहा कि संगठन ने स्कूलो के हितों के लिये ऐतिहासिक कार्य किये है और भविष्य मे जो भी संघ से जुड़े स्कूलो के हितो के लिए करना पडेगा उसे वखूबी पूरा करने का प्रयास होगा। उन्होंने कहा कि संगठन एक शैक्षिक कलेंडर और पत्रिका निकालने की योजना बना रहा है।
जिला संरक्षक सुनील थपलियाल ने सदस्यता बढाने और समय समय पर बैठके करते रहने की बात संघ मे रखी। जिला कोषाध्यक्ष रमेश उनियाल से वित्तीय स्थिति की जानकारी देते हुए मजबूत करने की पहल बैठक मे रखी जिस पर सर्व सहमति भी बनी। यमुनाघाटी के संचालको व प्रभारियों ने स्कूलो की समस्याओं के समाधान को लेकर अपने वक्तव्य दिये। इस दौरान श्रीमती गायत्री बहुगुणा, धनवीर चौहान,कृष्णा नंद बहुगुणा, अंतिम नौटियाल, शरत सिंह, केदार सिंह,गुरुदेव रावत,धर्मेंद्र डंगवाल, चन्द्र गोपाल ठाकुर,श्रीमती सीमा रावत आदि पदाधिकारी उपस्थिति रहे।

