बड़कोट।
ईमानदारी सबसे बड़ा गुण है. आज के युग में लोग भले ही ईमानदार व्यक्ति का मजाक उड़ाते हों लेकिन असल बात ये है कि ईमानदारी का ईनाम बेईमानी से उड़ाये पैसों से कहीं ज्यादा और सुखद होता है. आज हम आपको ईमानदारी का एक उदाहरण बताने जा रहे हैं, जिन्हें सुन कर आप भी कहेंगे ‘ईमानदारी सबसे भली।
नगर पालिका बड़कोट में मुख्य चौराहा पर मोबाईल की दुकान के संचालक आशीष पंवार अपने साथियों के साथ यमुनोत्री धाम की यात्रा पर थे ,रास्ते मे कुथनौर के पास उन्हें एक आई फोन सड़क पर गिरा हुआ मिला जिसकी कीमत 60 हजार से अधिक की थी उन्होंने उस फोन को वापस लौटाने की ठानी ,यात्रा के दौरान सिग्नल की दिक्कत भी रही लेकिन जैसे ही उस फोन पर रिंग बजी तो उन्होंने रिसीव करते हुए बात की, और उन्हें यमुनोत्री से पहले जानकीचट्टी पहुँचने पर फोन वापस देने को कहा। फोन मालिक मुंबई के तीर्थ यात्री थे जिनका नाम आकाश था। जो बाइक से यात्रा पर थे और फोन गिरने के बाद उसे वापस खोजने निकले हुए थे , उनके रास्ते में स्यानाचट्टी मुलाकात होते ही आशीष पंवार ने उन्हें उनका बेशकीमती फोन लौटा दिया। आकाश अपना फोन पाकर बेहद खुश नजर आये ,उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में ईमानदार लोग रहते है ये सिर्फ सुना था। आज देख भी लिया। आशीष जी ने मेरा फोन लौटाया इसकी हमे खुशी है। इस फोन पर जरूरी दस्तावेज और कॉन्टेक्ट नम्बर व फ़ोटो ग्राफस थे। उन्होंने आशीष पंवार का धन्यवाद किया और उनकी ईमानदारी पर शुक्रिया किया। आशीष पंवार जी सामाजिक चेतना की बुलन्द आवाज जय हो ग्रुप के सम्मानित सदस्य भी है।
जय हो ग्रुप के संयोजक सुनील थपलियाल सहित ग्रुप के सभी सदस्यों ने आशीष की इस ईमानदारी पर प्रशंसा करते हुए बधाई दी है।
टीम यमुनोत्री Express

