बड़कोट (उत्तरकाशी)। बाल शिक्षा सदन स्कूल, बड़कोट में 29 अक्टूबर 2026 को तहसील विधिक सेवा समिति की ओर से ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव तथा निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक करना रहा।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार तथा जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी के अध्यक्ष मलिक मजहर सुल्तान और प्राधिकरण के सचिव सचिन के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह अभियान 26 से 31 अक्टूबर तक संचालित अखिल भारतीय विद्यालय जागरूकता अभियान का हिस्सा है।
तहसील विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष योगीश गुप्ता ने
विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो), 2012 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी सरल भाषा में दी। उन्होंने
बच्चों को अच्छे और अनुचित व्यवहार के बीच अंतर समझाते हुए बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराए, निजी तस्वीरें मांगे अथवा किसी अनुचित घटना को छिपाने के लिए दबाव बनाए, तो वे बिना डरे माता-पिता, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय वयस्क को इसकी जानकारी दी साथ ही कहा कि किसी भी अनुचित व्यवहार के लिए बच्चे को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
इस दौरान में साइबर सुरक्षा और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर भी जोर दिया गया। विद्यार्थियों को अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क में सावधानी बरतने तथा पासवर्ड, ओटीपी, पता और निजी तस्वीरें साझा नहीं करने की सलाह दी गई।
इसके अतिरिक्त बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। विद्यार्थियों को पीड़ित बच्चों की सहायता करने और उनके प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संदेश रहा कि हर बच्चा अनमोल है और उसकी सुरक्षा, सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों, विद्यालय के प्रधानाचार्य कमेश शाह, विजय प्रकाश, गीता विष्ट, मुस्कान, नीलम, अपर्णा, मुस्कान खान, दीपाली पुरी, अनोज रावत ,सज्जन चौहान आदि शिक्षकगण तथा पैरा लीगल वालंटियर (PLV) सुनील थपलियाल मौजूद थे।

