नौगांव ।मुंगरसंन्ति क्षेत्र के आरध्य देव देवाधिदेव बाबा बौखनाग महाराज और धयेश्वर नाग महाराज का भव्य मेला कफनौल गांव में आयोजित किया और श्रद्धालुओं ने सुख शांति और समृद्धि की कामना की।
इस दौरान रविवार को वैदिक मंत्रोच्चार के साथ धयेश्वर नाग महाराज कफनौल थान में विराजमान हो गये जहां सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भेंट की और मन्नत मांगी।
अब महाराज एक वर्ष तक गर्भगृह में रहेंगे और अगले साल आषाढ मुल नक्षत्र में व्यवस्था गृभगृह से विराजमान होंगे।
मालूम हो कि धयेश्वर नाग महाराज की देव डोली सुबह दारसौं मंदिर से सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ रवाना हुई जहां कफनौल में पंहुची बाबा बौखनाग महाराज से भेंट कर दोनों नाग देवताओं का भव्य मिलन हुआ उसके बाद तांदी नृत्य और रासो लगाया।
उसके बाद पुजा अर्चना करने के धयेश्वर नाग को गृभगृह में विराजमान कर दिया।
श्रावण मास में रवांई घाटी में दैविक मेलों की श्रृंखला समाप्त हो जायेगी व देवता गृभगृह में विराजमान हो जायेंगे।
धयेश्वर नाग महाराज कफनौल थान में भव्य मेले के साथ वैदिक मंत्रोच्चार और विधिवत गृभगृह में विराजमान हो गये और वहां पंहुचे श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
मंदिर समिति अध्यक्ष सूरत सिंह पंवार ने बताया कि धयेश्वर नाग महाराज को कफनौल मंदिर में एक साल के लिए विराजमान कर दिया आज दारसौं,थोलिंका,गैर, हिमरोल,सिमलसारी के ग्रामीण ढोल नगाड़ों के साथ अपने आराध्य देव धयेश्वर नाग महाराज के साथ पंहुचे गृभगृह में विराजमान होने के साक्षी बने अब एक साल केन लिए गृभगृह में रहेंगे।
कार्यक्रम में देव माली रामप्रकाश थपलियाल, संजय डिमरी,ग्राम प्रधान अनिता पंवार, शिवप्रसाद डिमरी,गुलाब सिंह, चंद्रमोहन पंवार, विजयप्रकाश, दयाराम, जनार्दन नौटियाल,सुभाष, राधेश्याम, दयाराम, धर्मानंद , भगवती, दौलतराम, शान्ति प्रसाद, मनोज,मालचंद राणा,जगत सिंह,बद्री कफोला,सहित तमाम माली पुजारी उपस्थित रहे।

