बड़कोट। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) बड़कोट के शिक्षक प्रशिक्षकों ने शिक्षक कैडर निर्माण की मांग को लेकर डायट प्राचार्य संजीव जोशी के माध्यम से महानिदेशक विद्यालय शिक्षा, उत्तराखंड को ज्ञापन प्रेषित किया।
ज्ञापन में कहा गया कि अब तक किसी भी शासनादेश में डायट के लिए विशेष विषय आधारित नियुक्ति का प्रावधान नहीं है, इसलिए विषय के आधार पर किसी भी प्रवक्ता को अतिरिक्त घोषित करना न्यायसंगत नहीं है। साथ ही डायट में पदस्थापना के लिए पिंक बुक 1991, शिक्षक शिक्षा गाइडलाइन 2012 तथा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य बताया गया।
शिक्षक प्रशिक्षकों ने कहा कि एससीईआरटी और डायट में एक ही विज्ञप्ति के माध्यम से नियुक्तियां होती रही हैं, लेकिन केवल प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवक्ताओं का समायोजन करना भेदभावपूर्ण है और संविधान की मूल भावना के विपरीत है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण संस्थानों में सात विभाग संचालित होते हैं, जिनमें निर्धारित योग्यताओं के आधार पर वर्ष 2013 से 2022 तक नियुक्तियां की जाती रही हैं।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत सरकार की गाइडलाइन में प्रतिनियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में यदि डायट में प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्तियां की जाती हैं तो यह संस्थान की मूल अवधारणा के विपरीत होगा। शिक्षक प्रशिक्षकों ने शासन द्वारा जारी पत्र को वर्तमान नियमों और परिदृश्य के आधार पर अनुचित बताते हुए कहा कि इससे समान योग्यता वाले शिक्षकों के बीच भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
शिक्षक प्रशिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लेती है तो वे न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने वालों में हेमू बिष्ट, डॉ. सुबोध बिष्ट, मो. अरशद अंसारी, शांति रतूड़ी, सुषमा महर, टीकाराम सिंह, बबीता सजवाण, सुशील जोशी, गोपाल सिंह और ऋचा उनियाल सहित अन्य शिक्षक प्रशिक्षक उपस्थित रहे।

