बड़कोट।चारधाम यात्रा के शुभारंभ के पहले ही दिन यमुनोत्री धाम की यात्रा के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में यात्रियों की मौत से हड़कंप मच गया। दोनों घटनाएं यात्रा मार्ग की कठिन परिस्थितियों और स्वास्थ्य जोखिमों की ओर इशारा कर रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र से आए एक श्रद्धालु की यमुनोत्री धाम के पैदल मार्ग पर चढ़ाई के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण सांस संबंधी बीमारी बताया जा रहा है।
वहीं दूसरी घटना में एक अन्य यात्री की घोड़े से गिरने के कारण गंभीर चोट लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिर पर गहरी चोट लगना मौत का कारण बना।
जानकारी के अनुसार, जानकीचट्टी अस्पताल में एक नेपाली मूल का मजदूर एक व्यक्ति को मृत अवस्था में लेकर पहुंचा। अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हरदेव सिंह ने बताया कि मृतक की उम्र लगभग 65 वर्ष है और प्रथम दृष्टया उसकी मौत सांस संबंधी परेशानी के कारण हुई है।
इस मामले में पुलिस भी जांच में जुट गई है। एसआई राजेश कुमार के अनुसार, मृतक के साथ आए अन्य यात्री अभी यमुनोत्री धाम गए हुए हैं। उनके लौटने के बाद ही मृतक की शिनाख्त हो पाएगी।
यात्रा के पहले ही दिन हुई इन घटनाओं ने प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के प्रति गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अलग अलग घटनाओं में हुये पहले मृतक का नाम उदय गजानन तांबे (65) वर्षीय निवासी नासिक है।
और दूसरी घटना में मृतक महिला प्रतिमा मिश्रा (40) वर्षीय निवासी इंदौर मध्यप्रदेश है,जिनकी उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई।
वहीं मामले पर पैदल यात्रा को लेकर उप जिलाधिकारी बड़कोट वृजेश तिवारी ने बताया कि यमुनोत्री में घोड़ा चालक दो घोड़ों को एक ही आदमी संचालित करने का काम कर रहे हैं जो गलत है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
दूसरी तरफ क्षेत्राधिकारी यमुना घाटी चंचल शर्मा ने बताया कि यमुनोत्री यात्रा व्यवस्था में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और घोड़ा संचालक प्रक्रिया में पूरी तरह से निगरानी होगी।

