ब्यूरो बड़कोट।
उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड के विद्युत वितरण खंड बड़कोट में विभागीय नियमों को दरकिनार कर कार्य किए जाने के आरोपों ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। आरोप है कि बिना किसी औपचारिक एग्रीमेंट के सोलर प्लांट के लिए बिजली लाइन बिछा दी गई और 11 केवी की लाइन तथा ट्रांसफार्मर को भी शिफ्ट कर दिया गया। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है और उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बड़कोट विद्युत वितरण खंड में अधिशासी अभियंता के निर्देश पर कण्डारी गांव के पास प्रस्तावित सोलर प्लांट के लिए बिजली लाइन बिछाई गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह लाइन काश्तकारों के निजी खेतों से होकर गुजारी गई, जबकि इसके लिए किसानों से किसी प्रकार का लिखित एग्रीमेंट नहीं किया गया। इससे किसानों में नाराजगी देखी जा रही है।
इतना ही नहीं, सरिगाड स्थित पेट्रोल पंप के पास 11 केवी की बिजली लाइन और ट्रांसफार्मर को भी बिना एग्रीमेंट के शिफ्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और विभागीय कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े होने लगे हैं।
ग्रामीण सुरेश, अनिल और विमल सिंह सहित अन्य लोगों का कहना है कि यदि किसी किसान को अपने खेत से एक बिजली का पोल हटवाना होता है तो विभाग कई नियम-कायदों का हवाला देकर भारी भरकम एस्टीमेट थमा देता है और लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। वहीं दूसरी ओर सरिगाड में कथित रूप से अधिकारियों की मिलीभगत से 11 केवी लाइन और ट्रांसफार्मर को बिना एग्रीमेंट के ही शिफ्ट कर दिया गया, जो विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में सहायक अभियंता अजय सेमवाल का कहना है कि सरिगाड में 11 केवी लाइन और ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग के लिए कोई एग्रीमेंट नहीं दिया गया था। बिना एग्रीमेंट के लाइन शिफ्ट की गई है जो नियम विरुद्ध है।
वहीं अधिशासी अभियंता धर्मवीर का कहना है कि इस पूरे मामले में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं है और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
इधर बड़कोट पहुंचे अधीक्षण अभियंता युद्धवीर तोमर ने कहा कि कण्डारी और सरिगाड का यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि जांच में यह पाया जाता है कि विभागीय नियमों के विरुद्ध कार्य हुआ है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण ने बड़कोट क्षेत्र में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब लोगों की नजर संभावित जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है।

