सुनील थपलियाल, उत्तरकाशी
उत्तरकाशी।
अन्नकूट पर्व के पावन अवसर पर आज बुधवार को श्री गंगोत्री धाम के कपाट देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच ठीक सुबह 11 बजकर 36 मिनट पर शीतकाल के लिए विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने से पहले मंदिर परिसर को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। मां गंगा के जयकारों से पूरा धाम गुंजायमान हो उठा।
कपाट बंद होने से पूर्व मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहितों की देखरेख में मां गंगा की भोग मूर्ति व उत्सव डोली को शास्त्रोक्त विधि से पूजन-अर्चन के बाद सेना बैंड की अगुवाई में मुखीमठ मुखवा गांव के लिए रवाना किया गया। डोली के प्रस्थान के दौरान श्रद्धालु “हर हर गंगे” के जयघोष के साथ मां गंगा की विदाई में भाव-विभोर नजर आए।
मां गंगा की डोली आज रात्रि विश्राम देवी मंदिर में करेगी और भैयादूज के पावन पर्व पर गुरुवार को मुखवा गांव पहुंचेगी। परंपरा के अनुसार शीतकालीन गद्दीस्थल मुखवा मंदिर में अगले छह महीनों तक मां गंगा की पूजा-अर्चना व दर्शन होंगे।
मुखवा गांव में मां गंगा की आगवानी के लिए ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पूरा गांव दीपों और फूलों से सजाया गया है। ग्रामीण गंगा मैया की अगवानी के लिए पारंपरिक वेशभूषा में तैयार हैं।
मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया कि कपाट बंदी की सभी प्रक्रियाएं विधिविधानपूर्वक सम्पन्न की गईं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सेना के जवान, पुलिस प्रशासन व तीर्थ पुरोहित मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि जैसे ही डोली मुखवा पहुंचेगी, वहां पर विशेष पूजा-अर्चना के बाद मां गंगा की शीतकालीन आराधना का आरंभ होगा।
गंगोत्री धाम में कपाट बंद होने के साथ ही चारधाम यात्रा का एक और अध्याय शांति और श्रद्धा के साथ संपन्न हो गया। अब छह माह बाद अक्षय तृतीया के पर्व पर मां गंगा के कपाट पुनः खोले जाएंगे।
टीम यमुनोत्री Express

