बड़कोट।राज्य सरकार की मंशा है कि आम उपभोक्ताओं को सस्ता राशन नियमित रूप से उपलब्ध हो, लेकिन यमुनाघाटी में सस्ता गल्ला विक्रेताओं को ठेकेदार की मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे विक्रेताओं में भारी आक्रोश है।
मालूम हो कि उपभोक्ताओं तक समय से राशन पहुँचाने के लिए सरकार ने गोदाम से सीधे गल्ला दुकानों तक राशन सप्लाई की जिम्मेदारी एक निजी संस्था को सौंपी थी। उद्देश्य था कि विक्रेताओं को परेशानी न हो, लेकिन हालात इसके उलट हो गए। विक्रेताओं का कहना है कि उन्हें दुकानों तक राशन नहीं मिल रहा, उल्टा जब वे गोदाम से स्वयं राशन उठवाते हैं तो आठ माह से ढुलाई का भाड़ा भी नहीं मिल रहा है।
डामटा क्षेत्र के विक्रेता अनिल सिंह, लोकेन्द्र चौहान, मदन, दलवीर सिंह, सुंदर सिंह, जगमोहन, किशन, अरविंद आदि का कहना है कि वे जेब से पैसा खर्च कर ढुलाई कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से शीघ्र कार्यवाही की मांग की है।
ठेकेदार एम गुप्ता ट्रेडिंग कंपनी के मालिक तनिष गुप्ता का कहना है कि सरकार से भाड़े की राशि नहीं मिली है, फिर भी बड़कोट और कुछ डामटा के विक्रेताओं को भुगतान किया गया है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि समय पर गोदाम निरीक्षक और गल्ला विक्रेता भाड़े की डिटेल नहीं भेजते, इसके बावजूद वे आंशिक भुगतान कर रहे हैं।

