देहरादून।कहा गया है कि साहित्य समाज का दर्पण होता है,उसी तरह संदेशपरक फिल्में भी हमारे समाज और सिस्टम को प्रतिबिंबित करती हैं। इस दृष्टि से फिल्म निर्माता रवि मंमगाईं की गढ़वाली फिल्म ‘मिशन देवभूमि’ एक साहसिक और समसामयिक सिनेमाई प्रयास है। फिल्म का केंद्रीय विषय लव जेहाद और भू-कानून पर आधारित है। देवभूमि में सामाजिक सौहार्द के साथ यह फिल्म न केवल मनोरंजन करती है,बल्कि एक मिशन के रूप में मातृभूमि की रक्षा आह्वान भी करती है। ‘मिशन देवभूमि’ एक पूर्ण सिनेमाई पैकेज है जिसमें रोमांच, एक्शन,ड्रामा,त्रासदी,मधुरता,काॅमेडी और एक प्रेम कहानी का समावेश है। फिल्म अपनी सम्मोहक पटकथा,प्रभावशाली संवाद, शानदार कलर ग्रेडिंग (डी आई),अद्भुत सिनेमैटोग्राफी व मधुर संगीत के लिए याद की जायेगी। बॉलीवुड के समान तकनीकी उत्कृष्टता और कहानी कहने के स्तर का वादा निभाती है। सुमाड़ी, श्रीनगर, ऋषिकेश, टिहरी, चकराता और देहरादून की लुभावनी लोकेशन पर फिल्माई गई ‘मिशन देवभूमि,सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि एक क्रांति है। साईं सृजन पटल पत्रिका के मुख्य संपादक सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो.के.एल.तलवाड़ ने फिल्म देखने के बाद कहा कि फिल्म का हर पक्ष उत्कृष्ट है। हर किरदार ने अपनी भूमिका में डूब कर अभिनय किया है। यह एक संदेशपरक फिल्म है जिसे हर उत्तराखंडी को अपनी बेटियों के साथ अवश्य देखनी चाहिए। माॅल ऑफ देहरादून में 30 मई से यह फिल्म प्रतिदिन एक शो में सफलतापूर्वक प्रदर्शित की जा रही है।

