बड़कोट। स्वैच्छिक चकबन्दी के प्रणेता पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष स्व. राजेंद्र सिंह रावत की पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम नारायणपुरी स्मारक स्थल पर फूल मालाओं के साथ श्रद्धांजलि दी गयी। तथा उन्हें व क्षेत्र के लिए उनके द्वारा दिए गए योगदान के लिए याद किया गया।चकबंदी प्रणेता राजेन्द्र सिंह रावत का जन्म 6 जून 1952 को यमुनोत्री के बीफ गांव में हुआ और 25 मई 2006 को उनका निधन हो गया था । समाजसेवी एवं धैर्यवान व्यक्तित्व के धनी स्व. रावत ने उत्तराखंड में स्वैच्छिक चकबन्दी का सपना देखा था, जिसकी शुरुआत उन्होंने अपने गांव व क्षेत्र से की थी। उत्तराखंड में स्व. रावत के इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए हमेशा याद किया जाता रहेगा। उत्तरकाशी जिला पंचायत में ईमानदारी की मिशाल व विकास कार्यों को आज भी याद किया जाता है। उनकी पुण्यतिथि 25 मई को ‘स्वैच्छिक चकबन्दी दिवस’ के रूप में मनाये जाने की यमुनाघाटी के लोगो ने सरकार से मांग की। स्व. राजेन्द्र सिंह रावत की पुण्यतिथि पर विचार गोष्टी का भी आयोजित किया गया। इसमें स्व. रावत के कार्यों व उनके विचारों को अपने जीवन मे उतारने का संकल्प भी लिया गया। गोष्टी में श्रीमती भजनी रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद रावत,श्रीमती पुष्पा रमोला, महाबीर पंवार माही , राकेश रावत, गजेंद्र रावत पूर्व प्रधान, जगत सिंह रावत पूर्व प्रधान, चैन सिंह रावत पूर्व प्रधान, मनमोहन चौहान, भगवती प्रसाद बिजलवान, प्रताप तोमर, रणबीर राणा, हरदेव राणा, बृजमोहन राणा, खुशपाल रावत, गंभीर तोमर चौकी प्रभारी जानकी चट्टी आदि लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

