उत्तरकाशी।आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए आपदा प्रबन्धन की पूर्व तैयारियों पर गुरुवार को मॉक अभ्यास (मॉक ड्रिल) का आयोजन किया गया। मॉक अभ्यास में जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र से प्रातः 9.37 बजे जोर से सायरन बजा। रिस्पांसिबल ऑफिसर/ जिलाधिकारी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट के निर्देश पर आईआरएस प्रणाली से जुड़े सभी अधिकारीगण तुरन्त अपने-अपने कमांड एरिया – बड़कोट,भटवाड़ी तथा जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र पहुंचे। मॉक अभ्यास के परिदृश्य में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और वाहन दुर्घटनाओं को दर्शाया गया था। आपदा प्रभावित जिलों में आज आयोजित मॉक अभ्यास की निगरानी एवं डी ब्रीफिंग राज्य आपाताकालीन परिचालन केंद्र देहरादून से की गई।
मॉक अभ्यास में भारी बारिश के चलते तहसील भटवाड़ी के अंतर्गत गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित कैप्टन ब्रिज के पास भूस्खलन के कारण एक यात्री बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई और कैप्टन ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। मौके पर तैनात अधिकारी ने एनडीआरएफ,एसडीआरएफ,एंबुलेंस और बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) टीम को यथाशीघ्र घटना स्थल पर भेजने की मांग की गई। स्टेजिंग एरिया को खंड विकास अधिकारी कार्यालय मैदान,भटवाड़ी में सक्रिय किया गया। घटना स्थल के लिए एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,पुलिस,राजस्व टीम,108 एंबुलेंस,आईटीबीपी,सेना,आपदा प्रबंधन त्वरित कार्रवाई दल और मेडिकल टीम को रवाना किया गया। दुर्घटना ग्रस्त बस में 40 यात्री सवार थे जिसमें तीन मृतक,तीन गंभीर घायल और 15 सामान्य घायल हुए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भटवाड़ी में भर्ती कराया गया,जबकि 3 गंभीर घायलों को हैलीकॉप्टर से हायर सेंटर रैफर किया गया। इसके अतिरिक्त घटना स्थल पर नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण एनडीआरएफ द्वारा क्यूडीए सिस्टम (QDA) की मदद से नेटवर्क स्थापित किया गया और सर्च डॉग की सहायता से खोज अभियान चलाया गया।
उधर तहसील बड़कोट अन्तर्गत यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के स्थान पालीगाड़ के पास बादल फटने के कारण यमुनोत्री मार्ग बाधित हुआ है एक टेम्पू ट्रैवलर वाहन मलबे की चपेट में आने से करीब 50 यात्रियों के फॅसे होने सूचना प्राप्त हुयी। घटना स्थल पर तैनात अधिकारी द्वारा घटना स्थल पर एन०डी०आर०एफ०,एस०डी०आर०एफ०, एम्बुलेंस आदि टीम एवं मलबा हटवाये जाने हेतु जेसीबी०मशीन की मांग की गयी। उप जिलाधिकारी बड़कोट, तहसीलदार,अग्निशमन टीम, एस०डी०आर०एफ०, राजस्व टीम, पुलिस टीम एवं राष्ट्रीय राजमार्ग बड़कोट, जे०सी०बी० मशीन, मेडिकल टीम घटना स्थल के लिए रवाना किए। टेम्पो ट्रैवल में 1 यात्री सामान्य घायल,2 गम्भीर घायल तथा अन्य लोग सुरक्षित रहें। 02 घायल व्यक्तियों को रेस्क्यू कर 108 एम्बुलेंस के माध्यम से स्वास्थ्य केन्द्र बड़कोट भर्ती किया गया। विभिन्न सुरक्षित स्थानों पर रूकवाये गये यात्रियों के भोजन,पेयजल आपूर्ति की गयी।
बिरला धर्मशाला उत्तरकाशी में शार्ट सर्किट के कारण अग्निकांड की सूचना प्राप्त हुयी। अग्निकांड के कारण भवन में 20 लोग फंसे थे। जिसमें 10 लोग सामान्य एवं 10 लोग घायल हुए। धर्मशाला व उसके आस पास के क्षेत्र में तत्काल विद्युत आपूर्ति बाधित करवाते हुए रेस्क्यू टीम को रवाना किया गया। रेस्क्यू टीम द्वारा फंसे लोगों को रेस्क्यू कर एम्बुलेंस की मांग की गयी। घायलों को 02 एम्बुलेंस के माध्यम से जिला चिकित्सालय भेजा गया।
आज प्रातः जैसे ही जिला आपदा कंट्रोल रूम को भू-स्खलन की सूचना प्राप्त हुई इसके तत्काल बाद आईआरएस टीम सक्रिय हुयी। टीम में तैनात सभी अधिकारी अपने कमाण्ड एरिया बड़कोट,भटवाड़ी व जिला आपात परिचालन केंद्र पंहुचे। जहां से स्थानीय इंसीडेट एक्शन टीम को घटना स्थल पर रवाना होने को कहा गया। भू-स्खलन होने पर टीम द्वारा प्रारम्भ्कि सूचना दी गयी घटना स्थल से घायलों को ले जाने हेतु एयर एम्बुलेंस,एम्बुलेंस,डाक्टर एवं पैरामेडिकल के साथ दवाईयों की मांग आयी। घटना स्थल से डिमांड आते ही ऑपरेशन सेक्शन द्वारा कहां कितना रिसोर्स की आवश्यकता है उसका प्लान बनाया गया और तुरन्त रेस्क्य टीम को घटना स्थल के लिए रवाना किया गया। मॉक अभ्यास के दौरान स्टेजिंग एरियाभटवाड़ी व जीआईसी बड़कोट में बनाया गया।
मॉक अभ्यास के सम्बन्ध में रिस्पांसिबल अधिकारी/ जिलाधिकारी डॉ.मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि आपदा की स्थिति में कैसे आईआरएस टीम कार्य करती है इसकी जानकारी दी गयी है। आईआरएस मॉक अभ्यास करने का मुख्य उद्देश्य था कि जब कभी कोई प्राकृतिक आपदा घटित हो तो इससे कैसे निपटा जाय और किस प्रकार जान- माल के नुकसान को कम किया जा सके।
मॉक अभ्यास में एडीएम पीएल शाह,एसडीएम देवानन्द शर्मा,शालनी नेगी,ईई मनोज गुसाईं, जिला पूर्ति अधिकारी संतोष भट्ट, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित सेना,आईटीबी,एसडीआरएफ,एनडीआरएफ,पुलिस के जवानों आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।

