बड़़कोट।यमुना मैय्या के मायके के दो दर्जन से अधिक ग्रामीण परिवार अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं। राज्य सरकार की बहुचर्चित और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर के रूप में प्रचारित स्वरोजगार की योजना के तहत होमस्टे व होटल के रास्ते बंद हो गए हैं और यह अब किया है निर्माणाधीन रोपवे की कार्यदायी संस्था ने। इस प्रकरण के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
इधर रास्ता बन्द किये जाने से गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को खरसाली में निर्माणाधीन रोपवे का कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें तत्काल रास्ता नहीं दिया गया तो काम नहीं होने देंगे। इसके अलावा ग्रामीणों द्वारा कार्यदाई संस्था की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया है। ग्रामीणों ने कहा कि जल्दी ही एक प्रतिनिधिमंडल शासन में उच्च अधिकारियों से मिलकर पूरी वस्तुस्थिति को रखेगा। ग्रामीणों ने न्यायालय की शरण में जाने की बात भी कही।
विदित हो कि यमुनोत्री धाम के मुख्य पड़ाव खरसाली गांव में रोप वे का निर्माण गतिमान है। शुक्रवार को खरसाली गांव के ग्रामीणों ने आवाजाही के लिए रास्ता न देने के विरोध में काम रुकवा दिया। गांव के सामाजिक कार्यकर्ता अनिरुद्ध प्रसाद उनियाल ने बताया कि रोप वे के लिए ग्रामीणों ने 80 नाली जमीन पर्यटन विभाग को दी। उस समय स्पष्ट किया गया था कि ग्रामीणों को रास्ता दिया जाएगा। इस संबंध में समय-समय पर शासन प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब कार्यदाई संस्था की ओर से रास्ता बंद किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विरोध में ग्रामीणों ने शुक्रवार से काम रुकवा दिया है। यदि शीघ्र ही ग्रामीणों को रास्ता नहीं दिया गया तो रोप वे का काम नहीं होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर यमुनोत्री मंदिर समिति के सह सचिव गौरव उनियाल, गोपाल राम उनियाल, देव राज उनियाल, रामलाल, महावीर, भागवत प्रसाद, सुनील प्रसाद, किशोरी लाल, धर्मियां लाल, शिवेंदु लाल, अनिल, सुंदर सिंह, हरदेव सिंह, शीला देवी, वीणा देवी , कुसुम आदि उपस्थित रहे।

