बड़कोट।निकाय चुनाव के द्वारा चुनी जाने वाली एक तरह से शहर की सरकार ही मानी जाती है। स्थानीय निकाय के अध्यक्ष और वार्ड मेंबर्स की अच्छी टीम किसी भी नगर की खूबसूरती और चहुंमुखी विकास पर चार चांद लगा देती है। पवित्र धाम यमुनोत्री के मार्ग पर पड़ने वाले नगर बड़कोट का अपना ऐतिहासिक महत्व भी है,जिसे सहस्त्रबाहु की नगरी भी कहा जाता है। पिछले दो दशकों में बड़कोट नगर में विभिन्न सरकारी कार्यालय खुले,जनसंख्या बढ़ी,बाजारों का विस्तार हुआ पर नगरपालिका क्षेत्र में अनेकों समस्याएं आज भी मुंह बाये खड़ी हैं। 23 जनवरी को होने वाले नगरपालिका चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों के अध्यक्ष प्रत्याशियों के बीच एक साफ-सुथरी छवि के निर्दलीय प्रत्याशी सुनील थपलियाल भी चुनावी मैदान में हैं। सुनील थपलियाल छात्र राजनीति,निष्पक्ष पत्रकारिता और निस्वार्थ समाजसेवा के मार्ग को अपनाते हुए जनता से अपने लिए वोट और सपोर्ट मांग रहे हैं। समाज सेवा का जज्बा सुनील थपलियाल में छात्र जीवन से ही था और कोरोनाकाल में जिसे सबने महसूस भी किया। ‘जय हो ग्रुप’ के माध्यम से भूखे मजदूरों को भोजन और बेजुबान जानवरों की सेवा करते हुए सुनील थपलियाल को सभी ने देखा और मुक्तकंठ से सराहना भी की। ‘नेकी का बैंक’ के माध्यम से गरीबों में वस्त्र वितरण की पहल,जीवन रक्षक दवाओं का निशुल्क वितरण जैसे कार्यों से उनकी सच्चे समाजसेवी की छवि उभरी है।बड़कोट नगर में भीषण पेयजल संकट को दूर करने के लिए आमजनमानस को साथ लेकर धरना,प्रदर्शन व लगातार ज्ञापन प्रेषण के आंदोलन की गवाह बड़कोट नगर की जनता रही है। इस संघर्ष का सुखद परिणाम सामने आया और पेयजल की आपूर्ति का कार्य प्रारंभ हुआ। इस दिशा में सफलता मिलना भी उनकी दृढ़ इच्छा-शक्ति और सर्वस्वीकार्यता को उजागर करता है। तिलाड़ी सम्मान समिति के माध्यम से क्षेत्र की प्रतिभाओं को सम्मानित करना उनकी अनूठी पहल रही है। अपने कार्यों के आधार पर और जनसेवा के लिए 24 घंटे उपलब्ध रहने की अपनी प्रवृत्ति के कारण सुनील थपलियाल चुनावी समर में सर्वाधिक लोकप्रिय प्रत्याशी के रूप में उभरे हैं और जनसमर्थन मांग रहे हैं। अपनी प्राथमिकताओं में सुनील थपलियाल ने नगर में स्वच्छ जल आपूर्ति, नशामुक्त वातावरण, बेहतर सड़कें और नालियां, सीवरेज, उचित पार्किंग, आवश्यक मोटर मार्गों व पैदल पुलों का निर्माण आदि को रखा है। इन्हीं सब कारणों से सुनील थपलियाल को अध्यक्ष पद के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जनता का भारी समर्थन मिल रहा है।

