सुनील थपलियाल ।
नैनबाग । दुबड़ी पर्व यानी कृष्ण जन्मोत्सव ।
जौनपुर में कृष्ण भगवान के जन्म महोत्सव को दुबड़ी पर्व के रुप में मनाते है। नई फसल के आने का स्वागत और फसलों के पत्ते की झाड़ मीनार रूप में बनाकर गाँव की महिलाएं पूजा अर्चना करती है , सभी महिलाएं भगवान से गाँव,परिवार व अपनी आजीविका की कुशलक्षेम की कामना करती है। उसके बाद झाड़ नुमा मीनार यानी दुबड़ी के भीतर रखी नई फसल के उत्पाद खीरा, मक्की आदि को ग्रामीण ग्रुप में दुबड़ी के भीतर से उन्हें छीना झपटी से खोजने में जुट जाते है और जिनके हाथ नई फसल के उत्पाद लगते है वह दुबड़ी पर्व का बीनर घोषित हो जाते है ।
उसके बाद गांव के युवक युवतियां व ग्रामीण ढोल नगाड़े की थाप पर लोकनृत्य करते हुए गाँव के आंगन में दुबड़ी पर्व को खुशनुमा बना देते है। भगवान कृष्ण को समर्पित दुबड़ी पर्व बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाई जाती है । दरअसल देश मे कृष्णजन्माष्टमी विभिन्न तरीके से आयोजित होती है परंतु टिहरी जनपद के ब्लॉक जौनपुर में भगवान कृष्ण के जन्मोउत्सव को दुबड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है । अगस्त माह में आयोजित होने वाले दुबड़ी पर्व भगवान कृष्ण जन्म से भी जोड़ कर देखा जाता है ।
जौनपुर के अधिकतर गाँव सहित ग्राम घियाकोटी में लोक पर्व दुबड़ी के दर्शन व पूजा अर्चना के लिए दूर दूर से श्रद्धालुओं का जमाबड़ा लग जाता है । तांदी नृत्य का मनमोहक नजारा तो देखते ही बनता है। आप भी कृष्ण जन्माष्टमी में जौनपुर का रुख जरूर करें ।
टीम यमुनोत्री Express

