सुरेश चंद रमोला
ब्रह्मखाल
पिछले एक साल से ब्रह्मखाल के भारतीय स्टेट बैंक में उपभोक्ताओं की पासबुक पर न तो इंन्ट्री हुई और ना ही बैंक का बारकोड चढ़ा। अब उपभोक्ताओं को ये पता नही उनके खातों में पैसा कितना है जब बैंक जाते हैं तो वहां लगे उपकरण एक साल से खराब पड़े हैं। यही हाल इस बैंक की एटीएम मशीन का है। बैंक की जो एटीएम मशीन ब्रह्मखाल में लगी है वह भी महीनों से खराब है। बैंक प्रशासन की इस लापरवाही से उपभोक्ता बहुत परेशान हैं मगर बैंक प्रशासन को उपभोक्ताओं की परेशानी से कोई फर्क नहीं पड़ता। रोजगार गारंटी और किसान निधि का धन गरीबों के खातों में पड़ भी रहा है या नहीं इसका पता भी उपभोक्ताओं को नहीं चल रहा है। आलवैदर सड़क व सुंरग निर्माण कार्य में जो बाहरी प्रदेशों के मजदूर यहां काम कर रहे हैं वे भी बैंक की खामियों को भुगत रहे हैं। एटीएम से धन का आहरण कर वे अपना खर्चा चलाते थे पिछले लंबे समय से एटीएम भी खराब है और इस एकमात्र साधन चलाने घर चलाने में उन्हें भी बहुत दिक्कतें हो रही। कोविड के इस समय काल में अपने ही पैसे न निकाल पाना बैंक प्रशासन की लापरवाही यहां देखनो को मिल रही है। यात्राकाल शुरु होने में भी अब कुछ ही समय शेष रह गया है और आज यात्री लोग एटीएम पर निर्भर रहकर यात्रा करता है यदि यात्रा से पूर्व में बैंक के खराब उपकरण ठीक नहीं हुये तो स्थानीय उपभोक्ताओं और बाहरी मजदूरों के साथ चारधाम यात्रियों पर भी इसका बुरा असर पड़ेगा।
टीम YAMUNOTRI EXPRESS

