नैनबाग (टिहरी गढ़वाल) | रिपोर्ट: सुनील थपलियाल।सोलह गांवों के आराध्य देव भगवान श्री नागदेवता का भव्य महोत्सव मंगलवार को ग्राम घियाकोटी में श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक लोक संस्कृति के साथ बड़े हर्षोल्लास से संपन्न हुआ। हर तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले इस धार्मिक महोत्सव में क्षेत्रभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान श्री नागदेवता के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।
सुबह से ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना का दौर शुरू हुआ। दोपहर में भगवान श्री नागदेवता की उत्सव डोली आंगन में पहुंची, जहां ढोल-दमाऊं और रणसिंघों की गूंज के बीच डोली ने पारंपरिक नृत्य किया। श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ अपने आराध्य देव का स्वागत किया।
महोत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण मक्खन की होली और भगवान शेषनाग की मनमोहक झांकी रही। शेषनाग की भव्य झांकी पूरे गांव में निकाली गई, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। मक्खन की होली में श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भाग लिया, जिससे पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में रंग गया।
इस अवसर पर गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जौनपुरी वेशभूषा पहनकर तांदी नृत्य प्रस्तुत किया। लोकगीतों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुनों पर प्रस्तुत नृत्य ने महोत्सव की सांस्कृतिक गरिमा को और भी बढ़ा दिया।
महोत्सव के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन को सफल बनाने में गांव के युवाओं और महिला मंगल दल ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।
गांव के स्याणा सूरत सिंह रावत तथा ग्राम प्रधान सुभाष रतूड़ी ने महोत्सव में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि श्री नागदेवता महोत्सव क्षेत्र की आस्था, एकता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसे आने वाली पीढ़ियों तक संरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

