नौगांव। खाटल पट्टी के आराध्य देव भगवान छलेश्वर महाराज का भव्य मेला धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। खाटल पट्टी के मुख्य थान ग्राम देवल में आयोजित मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान छलेश्वर महाराज के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मेले के दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा और लोक संस्कृति की मनमोहक झलक देखने को मिली।
सुबह से ही ग्राम देवल स्थित मंदिर में पूजा-अर्चना का क्रम शुरू हो गया था। विधि-विधान के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान छलेश्वर महाराज के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। ग्रामीणों और मंदिर समिति की ओर से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का पारंपरिक एवं भव्य तरीके से स्वागत किया गया।
मेले के अवसर पर ग्राम चोपड़ा निवासी चैन सिंह की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों और ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं की सेवा में बढ़-चढ़कर भागीदारी की। पूरे आयोजन के दौरान सेवा, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता का भाव देखने को मिला।
मेले को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए मंदिर समिति की ओर से पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। ग्रामीणों ने भी आयोजन में सहयोग करते हुए व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ स्थानीय लोक परंपराओं और संस्कृति की भी झलक देखने को मिली। ढोल-दमाऊं की पारंपरिक धुनों और स्थानीय रीति-रिवाजों ने आयोजन को और भव्य बना दिया। क्षेत्रवासियों के लिए यह मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि अपनी समृद्ध लोक संस्कृति और सामाजिक परंपराओं से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी रहा।
भव्य मेला और विशाल भंडारा संपन्न होने के बाद भगवान छलेश्वर महाराज ने विधिवत गर्भगृह में प्रवेश किया। इसकेव साथ ही श्रद्धालुओं ने भगवान से क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की। आयोजन के सफल समापन पर मंदिर समिति और ग्रामीणों ने सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं भंडारा आयोजक चैन सिंह का आभार व्यक्त किया।

