बड़कोट। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) खंड बड़कोट के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने स्वास्थ्य लाभ के बाद कार्यालय का कार्यभार संभालते ही विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने धरासू से जानकीचट्टी तक चल रहे निर्माण एवं सुरक्षात्मक कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को अधूरे कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम और आपदा की दृष्टि से संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं, ताकि यात्रा मार्ग सुरक्षित बना रहे और आम जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अधिशासी अभियंता ने विशेष रूप से स्यानाचट्टी क्षेत्र में लगातार हो रहे भूस्खलन का स्थायी उपचार (स्लोप ट्रीटमेंट) कराने तथा यमुनोत्री यात्रा मार्ग पर यातायात हर हाल में सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग स्थानीय जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में भी सक्रिय दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देशों के क्रम में राष्ट्रीय राजमार्ग-134 के राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर स्थित 16 प्रभावित परिसंपत्तियों को हुए नुकसान की संयुक्त जांच कराई गई। इस जांच में क्षति के कारणों के साथ-साथ निर्माण पद्धति, स्लोप फेल्योर एवं अन्य तकनीकी पहलुओं का भी परीक्षण किया गया। जांच में लोक निर्माण विभाग, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल रहे।
स्थानीय लोगों का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग द्वारा एक ओर निर्माण कार्यों में तेजी लाई जा रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रभावित नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए भी सकारात्मक पहल की जा रही है। इससे क्षेत्र में विभाग की कार्यप्रणाली पर विश्वास बढ़ा है और उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित मामलों का भी शीघ्र निस्तारण होगा।

