बड़़कोट /उत्तरकाशी।बड़कोट में भारतीय जनता पार्टी की महिला मोर्चा के बड़कोट व कालिंदी मंडल की नेताओं द्वारा आयोजित एक पत्रकार वार्ता में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का प्रबल समर्थन एवं स्वागत किया गया। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जशोदा राणा ने पत्रकारों को सम्भोदित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक ऐतिहासिक व महत्वपूर्ण निर्णय है!
उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में प्रस्तुत होने जा रहा “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” देश की महिलाओं के लिए ऐतिहासिक, क्रांतिकारी और दूरगामी प्रभाव वाला निर्णय है। यह अधिनियम केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सशक्त संकल्प का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, इस विधेयक के पारित होने से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होगा, जिससे महिलाएं अब केवल मतदाता या लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण और निर्णय प्रक्रिया की सक्रिय भागीदार बनेंगी। उन्होंने कहा कि इससे देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और निर्णय अधिक संवेदनशील, संतुलित एवं जनहितकारी होंगे।
भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि समय के साथ उसमें वृद्धि तो हुई है, लेकिन यह अभी भी संतोषजनक स्तर तक नहीं पहुँच पाई है। 1952 की पहली लोकसभा में केवल लगभग 5% महिलाएँ थीं, जबकि हाल की लोकसभा में यह संख्या बढ़कर लगभग 14–15% तक पहुँची है। राज्यसभा में भी महिलाओं का प्रतिनिधित्व लगभग 17% के आसपास है, जबकि राज्य विधानसभाओं में यह औसतन केवल 9% ही है। इसके विपरीत, जहाँ स्थानीय निकायों (पंचायत और नगर निकाय) में 33% से 50% तक आरक्षण लागू किया गया, वहाँ महिलाओं की भागीदारी लगभग 46% तक पहुँच गई है, जो यह दर्शाता है कि आरक्षण महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता बढ़ाने में प्रभावी सिद्ध हुआ है।
इसी पृष्ठभूमि में नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम के रूप में सामने आया है। इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा, जिसमें अनुसूचित जाति और जनजाति की सीटों में भी महिलाओं के लिए आरक्षण शामिल होगा। लागू होने के बाद संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या लगभग तीन गुना तक बढ़ जाएगी, जिससे उनका प्रतिनिधित्व सीधे 33% तक पहुँच जाएगा। इससे न केवल राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि नीति-निर्माण में भी उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित होगी, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा, वह करके दिखाया है।” पिछले लगभग 40 वर्षों से महिलाओं को विधायी निकायों में आरक्षण देने के प्रयास होते रहे, अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन कोई भी इस महत्वपूर्ण विषय पर ठोस निर्णय लेने का साहस नहीं दिखा पाया। आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह ऐतिहासिक कार्य संभव हो पाया है, जो देश की महिलाओं के विश्वास और आकांक्षाओं को नई दिशा देगा। यह अधिनियम भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक समावेशी और संतुलित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो महिलाओं को केवल प्रतिनिधित्व ही नहीं, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में समान भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगा। केंद्र सरकार द्वारा बीते वर्षों में महिला सशक्तिकरण के लिए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा, “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ”, “उज्ज्वला योजना”, “प्रधानमंत्री आवास योजना”, “स्वयं सहायता समूहों के सशक्तिकरण” जैसे अनेक प्रयासों के माध्यम से महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम इन सभी प्रयासों को और अधिक सुदृढ़ करेगा और महिलाओं को नेतृत्व की मुख्य धारा में स्थापित करेगा।महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह विधेयक आने वाली पीढ़ियों की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा। उन्होंने कहा कि अब देश की बेटियां बड़े सपने देखने के साथ-साथ उन्हें साकार करने के लिए मजबूत मंच भी प्राप्त करेंगी।
इस दौरान उपस्थित सभी महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यह न केवल महिलाओं के अधिकारों को सशक्त करेगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय की भावना को भी मजबूत करेगा।इस दौरान महिला मोर्चा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि यह निर्णय “नारी शक्ति” के सम्मान, अधिकार और सशक्तिकरण की दिशा में एक युगांतकारी कदम है, जो भारत को एक अधिक सशक्त, समतामूलक और विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पत्रकार वार्ता में भाजपा मंडल अध्यक्ष अमित रावत, महिला मोर्चा बड़कोट मंडल अध्यक्ष सरोज बिष्ट, कालिंदी मंडल अध्यक्ष कमला जुड़ियाल, बरनिगाड़ मंजु गौड़, मंडल महामंत्री गीता बिष्ट आदि उपस्थित रहे।

