नौगांव । नगर पंचायत के मुराडी़ में श्रीमद्भागवत कथा का सात दिवसीय आयोजन वृहस्पति से हो रहा है,जिसका आज दुसरा दिन है जिसमें कथा के प्रथम दिवस पर यमुना तट से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कथावाचक शिवप्रसाद नौटियाल ने करवाचौथ की सभी सुहागिन महिलाओं को बधाई दी और लंम्बी उम्र की कामना की।
श्रीमद्भागवत कथा आयोजन रमोला परिवार की तरफ से मुराडी़ भवन में आयोजित हो रहा है।दुसरे दिन की कथा में कथा वक्ता शिवप्रसाद नौटियाल ने राजा परिक्षित और विदुर के के प्रसंग को सुनाया कि कैसे विदुर भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम से प्रभावित होकर उसके घर साग का भोजन किया और परिक्षित के बारे में बताया कि तक्षक नाग के डसने से भागवत कथा सुनी थी।
आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल ने
बताया कि भागवत कथा सुनेने मात्र से पापों से मुक्ति मिलती है,और ईश्वर भजन ही मुक्ति मार्ग है।
श्रीमद्भागवत कथा से सुख शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है,इसके लिए मानव को हमेशा सत्कर्मों को करते रहना चाहिए।
व्यास पीठ से आचार्य शिवप्रसाद नौटियाल ने बताया कि मुराडी़ शब्द मुरारी शब्द से बना और रमोला बंधुओं का श्रीकृष्ण से गहरा संबध हैं।
व्यास पीठ से नौटियाल ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा हमें जीवन जीने की प्रेरणा देती है और जीव मात्र ने यदि भागवत कथा के एक भी शब्द को जीवन में उतार दिया तो जन्म जन्मों के के पाप समाप्त हो जायेंगे और जीवन धन्य होगा।
कथा आयोजन में रमेश चंद रमोला, सरस्वती,कृष्ण चंद रमोला,लक्ष्मी देवी, विनोद,अंजु,आशिष, रामस्वरूप,कविता,सुशिल, अक्षांश सहित तमाम भक्त मौजूद रहे।

