बड़कोट।यमुनाघाटी के बगासू गाँव में सोमवार को शहीद सम्मान यात्रा पहुँची। यात्रा के गाँव पहुँचने पर ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पूर्व सैनिकों ने भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर 1962 के भारत-चीन युद्ध में अरुणाचल बॉर्डर के नेफा सेक्टर स्थित नूरा और लैला पोस्ट पर शहीद हुए अमर शहीद रायचन्द असवाल के घर से मिट्टी संग्रहित की गई।
भतीजे शैलेन्द्र असवाल ने जानकारी दी कि शहीद रायचन्द असवाल का जन्म वर्ष 1944 में ग्राम बगासू में हुआ था। वे स्व. अब्बल सिंह और स्व. नीला देवी की चौथी संतान थे। प्राथमिक शिक्षा बगासू में पूरी करने के बाद वे 1961 में आर्मी की पायोनियर कोर में भर्ती हुए। प्रशिक्षण उपरांत उन्हें अरुणाचल प्रदेश के नेफा सेक्टर में तैनाती मिली, जहाँ नवंबर 1962 में रायफल मैन जसवंत सिंह रावत के साथ देश की रक्षा करते हुए उन्होंने प्राणों की आहुति दी।
शहीद रायचन्द असवाल अविवाहित थे। उन्होंने अपने बलिदान से न केवल परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया।
कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण बोर्ड की ओर से शहीद के परिजनों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विधायक दुर्गेश्वर लाल, नगर पंचायत अध्यक्ष विजय कुमार, जिला पंचायत सदस्य विजय बधानी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी महावीर सिंह राणा, सोबन पवार, कल्याण सिंह, विजय असवाल, जयदेव रावत, सोबन असवाल, कुलवंती असवाल, प्रताप चौहान, रीना असवाल, अनित राणा ,उपेंद्र ,मनीष, प्रदीप कुमार, गजेंद्र सिंह अनीश, शैलेंद्र व पूर्व सैनिक व ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

