टिहरी/जौनपुर। धयेश्वर नाग महाराज की देव डोली आज टिहरी गढ़वाल के जौनपुर क्षेत्र पंहुची जौनपुर के जागधार मे धयेश्वर नाग महाराज स्वागत जौनपुर क्षेत्र के लोगों ने फुल मालाओं और धूप चुनरी देकर किया।
मालूम हो कि जौनपुर के जागधार में गुरूदेव उनियाल पुत्र दयाराम उनियाल परिवार के निवास स्थान पर पंहुचा जहां धयेश्वर नाग का जौनपुर क्षेत्र के सैकड़ों लोगों ने भव्य स्वागत किया, स्वागत के बाद देव डोली नागराज मंदिर पंहुची उसके बाद गुरूदेव प्रसाद उनियाल परिवार के निवास स्थान पर पंहुची जहां देव डोली ने परिवार और वहां पर पंहुचे लोगों को आशीर्वाद दिया।
उनियाल परिवार के निवास स्थान पर देव डोली के लिए मंडप बनाया गया जहां देव डोली को स्थापित किया गया उसके बाद जागधार और जौनपुर क्षेत्र के आसपास से आये सैकड़ों लोग दर्शनार्थ हुये और मन्नत मांगी।
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार धयेश्वर नाग महाराज मुंगरसन्ति क्षेत्र के आराध्य देव हैं और दारसौं,थोलिंका, कफनौल तीन थान हैं जहां महाराज एक एक वर्ष रहते हैं।
धयेश्वर नाग महाराज आषाढ माह के मुल नक्षत्र में गृभगृह से शुभलग्न पर भक्तों को दर्शन देते हैं और एक माह क्षेत्र भ्रमण और यात्रा करतें हैं,इसी के निमित आज जौनपुर क्षेत्र में पंहुचे इसके बाद भ्रमण कार्यक्रम एक माह तक जारी है।
धयेश्वर नाग महाराज की पुजा अर्चना दारसौं गांव के थपलियाल, नौटियाल और उनियाल पुजा करतें हैं और देव माली रामप्रकाश थपलियाल हैं।
धयेश्वर नाग महाराज के मुल थान दारसौं शिवनगरी है जहां शिव का अखंड शिवालय है और धयेश्वर नाग का मूल थान है,दारसौं गांव की एक विशेषता है कि इस गांव में शराब का सेवन नहीं होता है और नहीं शराब गांव में पंहुचती है,दारसौं गांव में पांच परिवार रमोला और तीन परिवार बाजगीयों के रहतें हैं लेकिन शराब को छुंते तक नहीं है, पूर्वज बतातें कि इस गांव में जिन लोगों ने शराबियों का साथ किया या शराब का सेवन गलती से भी किया वह पागल, अपंग या कुष्ठ रोगी हुये यह प्रत्यक्ष प्रमाण बताया जाता है,अब यह उत्तराखंड का यह पहला गांव है जहां लोग शराब पीना तो दूर लेकिन शराब छुंते तक नहीं।
धयेश्वर नाग महाराज की पौराणिक मान्यता यह है कि यह शिव शक्ति के साक्षात स्वरूप है और जो सच्ची श्रद्धा से धयेश्वर नाग महाराज की आराधना और मन्नत मांगता है उनकी मन्नत पूरी होती है यहांतक कि नि: संतान को संतान और धन धान्य की प्राप्ति होती है।
धयेश्वर नाग महाराज के साथ जौनपुर क्षेत्र में गुरूदेव उनियाल पुत्र दयाराम उनियाल परिवार,माली,पुजारी,और जागधार जौनपुर के लोग मौजूद रहे।

