नौगांव/अरविन्द थपलियाल।देशभर में शिवरात्रि का महापर्व धूमधाम से मनाया जायेगा और देशभर में जहां भी शिव मंदिर होंगे वहां शिवालयों में जलाभिषेक किया जायेगा।
जनपद उत्तरकाशी में भी शिवरात्रि का महापर्व धूमधाम से मनाया जायेगा चाहे उत्तरकाशी का विश्वनाथ मंदिर हो चाहे गंगनानी।
इसी शिवरात्रि के पावन पर्व पर विकासखण्ड नौगांव के दारसौं गांव में अद्वभूत शिवलिंग पर 26 फरवरी बुधवार के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगेगा और लोग सैकड़ों वर्षों की पंरपरा में पुण्य के भागीदार बनेंगे।
पौराणिक परपंराओं के अनुसार मुंगरसन्ति क्षेत्र के दारसौं गांव में यह अद्भुत शिवालय किसी चमत्कार से कम नहीं है क्योंकि सैकड़ों वर्षों से इस धराधाम पर इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं है।
पूर्वजों का मानना था कि महाशिवरात्रि के दिन जो इस शिवालय में जलाभिषेक करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और यदि कोई नर नारी को पुत्र प्राप्ति नहीं होती है तो वह जब इस शिवालय में जलाभिषेक करतें हैं तो उन्हें संतान प्राप्ति का आशीर्वाद होता है।
यह अखंड शिवलिंग ऐसे गांव में है जहां गांव की ही उत्पत्ति से ही शराब कोई नहीं पीता है और जिसने भी भूलवश पी हो उसने दैविक परवर्ति के दंड भोगे हैं।
यहां प्राचिन शिव मंदिर है और इसी मंदिर में इस क्षेत्र के इष्टदेव धयेश्वर नाग देवता भी विरासतें हैं जो शिवालय के बांये तरफ क्षणभर की जगह में रहतें है और धयेश्वर नाग महाराज को शिवशक्ति माना जाता है क्योंकि इनकी शक्ति का कोई अंत नहीं है।
धयेश्वर नाग महाराज दारसौं, कफनौल,थोलिंका,गैर,हिमरोल,सिमलसारी,खेतू सहित दर्जनों गांवों के आराध्य देव हैं और गत वर्ष यात्रा करतें हैं।
शिव मंदिर दारसौं में पुजा अर्चना दारसौं गांव के ब्राह्मणों से होती है जिसमें थपलियाल, नौटियाल, उनियाल, मुख्य पुजारी हैं।
इस वर्ष होने वाली शिवरात्रि को शिव मंदिर को फुलों से सजाया गया है और शिवरात्रि पर शिवालय का जलाभिषेक होने के बाद रात्रि जागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें सभी ग्रामीण जुटें हैं।
आप सभी शिव भक्त जरूर जलाभिषेक करने पंहुचे यहां वेद पाठी ब्रह्मण आपको मंत्रोचारण के साथ करवायेंगे आप भी इस पर्व पर पुण्य के भागीदार बनें।

