बड़कोट/ अरविन्द थपलियाल।बांज बुरांस थ्वाम थुनेर के घनघोर वन में लगने वाले बाबा बौखनाग मेले में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
मालूम हो कि बाबा बौखनाग सुबह कार्यक्रम स्थल मोराल्टू से बाबा बौखनाग मेले के लिये सैकड़ों श्रद्धालुओं के साथ देव डोली रवाना हुई जो अपने निर्धारित समय पर बौख टिब्बा मंदिर पर पंहुची जहां श्रद्धालुओं ने बाबा बौखनाग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और बाबा ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया।
मंदिर में पुजा अर्चना के बाद बाबा बौखनाग की देव डोली मेला स्थल धूब कुंड थातिर पंहुची जहां हजारों की तादात में पंहुचे भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद और मन्नत मांगी।
उसके बाद बाबा की देव डोली के साथ रवांई की लोक संस्कृति के साथ सुंदर परीधानों से सजे स्त्री पुरूषों ने तांदी नृत्य और रासो किया और लोगों ने बाबा बौखनाग ने क्षेत्र की सुख शांति की कामना कर मन्नत मांगी।
बतादें कि बाबा बौखनाग के तीसरे वर्ष लगने वाले इस पौराणिक मेले में गंगा और यमुना घाटी के सैकड़ों गांव के श्रद्धालु पंहुचते हैं और बाबा बौखनाग का आशीर्वाद लेते हैं और दूसरी ओर सिलक्यारा टनल हादसे में फंसी ४१जिदगीयों को बचाने में बाबा बौखनाग ने जो पर्चा दिखाया उससे बाबा बौखनाग की ख्याति देश व दुनिया में बढ गई और इसी वर्ष बाबा बौखनाग ने अयोध्या में श्रीराम के दर्शन कर बाबा बौखनाग मेले को मुख्यमंत्री धामी ने राजकीय मेला घोषित कर दिया।
मेले के इस अवसर पर बौखनाग देव समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह रावत, बौख देवता के माली संजय डिमरी,सोबेन्द्र रावत,आजाद डिमरी,प्रधान चंद्र शेखर पंवार,यशवंत रावत, ई.रमेश रावत, सहित तमाम गणमान्य और श्रद्वालु मौजूद रहे।

