उत्तरकाशी।
सिलक्यारा टनल में भूस्खलन के कारण फंसे मजदूरों को निकालने के लिए चलाया जा रहा रेस्क्यू अभियान युद्वस्तर पर जारी है। माना जा रहा है कि यदि ह्यूम पाइप से रेस्क्यू का प्लान सफल होता है तो मजदूरों तक पहुंचने में अभी 40 से 45 घंटे का समय और लग सकता है। हालांकि, तमाम तरह की कोशिश जारी है। देर शाम घटनास्थल पर मलबा भी गिरा और दो लोगों को हल्की चोटें भी आईं। सुरंग के अंदर पाइप पुशिंग कर एस्केप टनल बनाने के लिए टनल में ऑगर ड्रिलिंग मशीन की स्थापना का कार्य पूरा करने के बाद मलबे के आर पार 900 एमएम व्यास के एमएस पाइप डालने की कार्रवाई देर रात दस बजे के बाद शुरू हुई ।
तकनीकी विशेषज्ञ और इंजीनियरों की टीम पाइप पुशिंग की प्रक्रिया शुरू करने के लिए मौके पर है। उत्तराखंड पेयजल निगम के जीएम एवं ड्रिलिंग व बोरिंग के विशेषज्ञ दीपक मालिक इस अभियान के तकनीकी पक्ष और ड्रिलिंग प्रक्रिया की अगुवाई कर रहे हैं।
जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला, एसडीआरएफ के कमांडेंट मणिकांत मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी, मुख्य विकास अधिकारी गौरव कुमार, एसडीएम डुंडा बृजेश कुमार तिवारी, एसडीएम बड़कोट मुकेश चंद रमोला सहित कई अन्य अधिकारी मौके पर मौजूद है और रेस्क्यू अभियान में अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक संजय डोभाल और भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री स्वराज विद्वान ने घटनास्थल का दौरा कर रेस्क्यू अभियान के बारे में जानकारी ली। कहा कि रेस्क्यू अभियान में स्थानीय लोग हर तरह का सहयोग देने को सदैव तैयार हैं।
इस बीच जिलाधिकारी अभिषेक रूहेला ने जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रेम पोखरियाल के साथ टनल के अंदर जाकर पाइप के जरिए मजदूरों से बातचीत की और उनका हौसला बढ़ाया। डॉ. पोखरियाल ने मजदूरों से उनके स्वास्थ्य के बारे में भी जानकारी ली और स्वास्थ्य सम्बधित कुछ हिदायतें दी। सभी मजदूर सुरक्षित और सही स्थिति में बताए गए हैं। मजदूरों के लिए पाइप के जरिये खादय सामग्री भी भिजवाई गई है। टनल में फंसे मजदूरों की कुशलक्षेम जानने के लिए घटनास्थल पर पहुँचे अनेक परिजनों को प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों ने ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया जाएगा।अधिकारियों ने रेस्क्यू के प्रयासों की जानकारी देते हुए कुछ परिजनों की पाइप लाइन के जरिए फंसे मजदूरों से बात भी करवाई।
टीम यमुनोत्री Express

