👆ऊपर देखे वीडियो में दो अधिकारियों की बहस ,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब और लाइक करें
सुनील थपलियाल उत्त्तरकाशी।
उत्त्तरकाशी में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में कुछ समय से सही नही चल रहा है। यमुनाघाटी के बाद जिला मुख्यालय के नजदीक ज्ञानसू सरकारी राशन के गोदाम में पूर्ति निरीक्षक यानी गोदाम प्रभारी की दादा गिरी देखने को मिली जब वह अपने से उच्च अधिकारी ए. आर.ओ. को ही गोदाम की चैकिंग करने से मना करने के साथ कोई सहयोग न करते नजर आये , दोनो अधिकारी आपस मे एक दूसरे के अधिकार व नियम बताते हुए और बात यही नही थमी पूर्ति निरीक्षक (FGI) ने सीधे जिला पूर्ति अधिकारी को फोन लगा दिया और औचक निरीक्षण करने आये क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी(A.R.O) आरती भट्ट को डी एस ओ द्वारा निरीक्षण न करने को कहा गया। फोन पर ही ए आर ओ ने डी एस ओ से लिखित में निर्देश करने को कहा। जो ऊपर इस वीडियो में साफ सुना व देखा जा रहा है
अब आप ही सोचिए कि क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की तैनाती में सस्ता गल्ला दुकानों के साथ सरकारी गोदामों की समय समय पर निरीक्षण करने के साथ रख रखाव की भी जिम्मेदारी है परंतु जनपद में तैनात अधिकतर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी(एआरओ) से या तो गोदाम का संचालन करवाया जा रहा ,या विकासनगर और ऋषिकेश के बेस गोदाम का जिम्मा दिया हुआ है और जो एक एआरओ आरती भट्ट है उन्हें ऑफिस में रखा हुआ है।
सार्वजनिक वितरण प्रणाली खाद्य एवं पूर्ति विभाग में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को किनारे किया हुआ है। मामला तब खुला जब सरकारी सस्ता गल्ला विक्रताओं ने ज्ञानसू गोदाम से राशन बिना तोल के दिया जाने की शिकायत क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी आरती भट्ट से की और शिकायत मिलने पर एआरओ आरती भट्ट ने अचानक गोदाम पहुँचकर निरीक्षण करना चाहा पर गोदाम प्रभारी पूर्ति निरीक्षक बिजेंद्र शाह ने सहयोग करने से मना कर दिया इतना ही नही उच्च अधिकारी के पहुँचने पर कुर्सी से खड़े होने की जहमत तक नही उठायी। गोदाम को बंद करवा दिया और सीधे डी एस ओ संतोष कुमार भट्ट को फोन लगाकर निरीक्षण रुकवाने को कहते नजर आये। और डी एस ओ ने भी फोन पर क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी आरती भट्ट को निरीक्षण के लिए मना कर दिया जिसके बाद एआरओ श्रीमती आरती ने भी लिखित में आदेश मांग लिया और गोदाम में अनियमितता मिलने पर गोदाम को सीज कर दिया।
दरअसल उत्त्तरकाशी में घटिया चावलों की लम्बे समय से सफ्लाई का मामला काफी छाया रहा। बड़कोट प्रशासन ने 4 ट्रक खराब चावलों को वापस विकासनगर भेजा था, जांच भी हुई लेकिन पांच महीने बीतने के बाद भी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नही की गई और न ही दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की गई।
शनिवार को गोदाम में छापा पड़ने के बाद जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी का गोदाम प्रभारी पर विशेष कृपा होना भी दाल में काला नजर आ रहा है।
यानी जिला मुख्यालय के नजदीक ज्ञानसू सरकारी गोदाम के ये हाल है तो दूर दराज के गोदामों में क्या हो रहा होगा। इतना जरूर है कि एआरओ के छापामारी से विभाग में हड़कम्प मचा हुआ है।
निरीक्षण की कार्रवाई में सहयोग न मिलने पर एआरओ आरती भट्ट ने गोदामों को सील कर दिया। एआरओ भट्ट ने बताया कि प्रथम दृष्टया अनियमिताएं मिली है। सहयोग न करने से भी स्पष्ट हुआ है कि गोदाम में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सीज गोदामों को सक्षम अधिकारी के समक्ष ही खोला जाएगा।
क्या कहते है विभाग के अधिकारी।
-डीएसओ के निर्देशानुसार एआरओ गोदाम का निरीक्षण नहीं कर सकते हैं। जो सीज की कार्रवाई की गई उसे मैं नहीं मानता हूं। यह कार्रवाई अचानक की गई है। अभिलेख दिखाने के लिए डीएसओ ने मना किया है।
बिजेद्र नाथ, पूर्ति निरीक्षक ज्ञानसू ।
– मुझे कुछ दिन पूर्व विक्रेताओं से शिकायत मिली थी कि राशन तोल कर नहीं दिया जा रहा है। घटतोली की संभावना है, इसलिए में निरीक्षण करने आई थी। मुझे गोदाम के निरीक्षण करने से इंकार किया गया। इसलिए मुझे गोदाम सीज करना पड़ा है। प्रथम दृष्ट्या यह स्पष्ट हुआ है कि यहां राशन तोल कर नहीं दिया जाता है। गोदाम में स्टैक कार्ड भी नहीं लगा है। निरीक्षण की जानकारी मैने एसडीएम को दी थी।
आरती भट्ट, क्षेत्रीय, खाद्य अधिकारी उत्तरकाशी।
– मैने निरीक्षण के लिए किसी को मना नहीं किया है। निरीक्षण अधिकारी को अभिलेख दिखाए जाने चाहिए। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी बिना मेरी अनुमति के निरीक्षण करने गए हैं। क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अपने क्षेत्र की दुकानों का निरीक्षण कर सकते हैं गोदामों का नहीं कर सकते।
संतोष भट्ट, डीएसओ उत्तरकाशी।
टीम यमुनोत्री Express

