
नहीं रहे नैनबाग के वरिष्ठ समाजसेवी टीकाराम शर्मा
उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर
नैनबाग (अमित नौटियाल) – सरलता, सादिकता की मिशाल और वरिष्ठ समाजसेवी टीकाराम शर्मा अब इस दुनिया से अलविदा हो गए हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में एक अलख पहचान बनाई थी। पिछले कई समय से पं. टीकाराम शर्मा बीमार चल रहे हैं जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली। वह अपने पीछे दो सुपुत्रों दीपक और मयंक और एक पुत्री को छोड़ कर चले गए हैं। साथ ही आपको बताते चलें कि पं. टीकाराम शर्मा ने 1954 से 1975 तक अशोक आश्रम कालसी में अपनी सेवा दी। इसके पश्चात उन्होंने 1975 में जनजाति सेवा मंडल संस्था की स्थापना की। संस्था के माध्यम से उन्होंने समाज में बेहतरीन कार्य कर एक अलग पहचान बनाई। संस्था के माध्यम से उन्होंने समाज में अग्रणी भूमिका निभाई। समाज सेवा कर उन्होंने कई महिला प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर समाज को सुदृढ़ बनाने के जागरूक किया। इसके साथ गरीब तबके बच्चों की आर्थिक मदद कर उनको शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इसके साथ उन्होंने समाज में कई ऐसे कार्य किये हैं जिन्हें आज भी जनता याद कर रही है। नैनबाग में आयोजित शरदोतसव्व कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई। समाज में हो रहे विकास कार्यों को लेकर उन्होंने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। उनकी अंतिम यात्रा में आज विभिन्न राजनीतिक दल, समाजसेवी संगठन एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। वही उनके निधन से नैनबाग में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर भाजपा नेता प्रीतम सिंह पंवार, नारायण सिंह राणा, राजेश नौटियाल, सुभाष रमोला, कांग्रेस नेता जोत सिंह बिष्ट डॉ वीरेंद्र सिंह रावत, जोत सिंह रावत, महावीर सिंह रांगड़ , आप नेता अमेंद्र बिष्ट सहित अन्य नेताओं ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।
टीम यमुनोत्री एक्सप्रेस

