उत्तरकाशी। उत्तरकाशी से विश्वप्रसिद्ध गंगोत्री धाम को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय जनता में नाराजगी और परेशानी बढ़ रही है। सड़क की खराब हालत के कारण आम लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से स्थानीय पर्यटन और यात्रियों की आवाजाही पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेन्द्र मटूड़ा ने राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति पर चिंता जताते हुए जनप्रतिनिधियों, शासन और प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि उत्तरकाशी से गंगोत्री की ओर जाने वाले मार्ग की स्थिति पर संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना चाहिए तथा समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
शैलेन्द्र मटूड़ा के अनुसार, विशेष रूप से उत्तरकाशी के ज्ञानसू से गंगोरी, नेताला और भटवाड़ी तक सड़क की हालत बेहद खराब बनी हुई है। उन्होंने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधीन इस मार्ग की स्थिति में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि खराब सड़क के कारण स्थानीय लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
होटल एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र की जीवनरेखा होने के साथ ही गंगोत्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। संबंधित विभाग को मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्यों की दिशा में कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि वे जनता की समस्या को सुनें, सड़क की स्थिति का संज्ञान लें और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दें, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सुरक्षित आवागमन के लिए सड़क सुधार जरूरी
उत्तरकाशी से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्र के गांवों, व्यापार और दैनिक आवागमन के लिए भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में सड़क की स्थिति बेहतर बनाए रखना जरूरी है। स्थानीय स्तर पर उठ रही मांग के बीच अब संबंधित विभाग की ओर से मार्ग की स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार कार्य किए जाने की अपेक्षा की जा रही है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की बदहाल स्थिति को प्राथमिकता से लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता, स्थानीय व्यापारियों और गंगोत्री धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिल सके।

