नौगांव (उत्तरकाशी)। विकासखंड नौगांव के प्रसिद्ध बाबा बौखनाग टिब्बा के समीप स्थित मनमोहक रूपनौल सौड़ बुग्याल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भव्य बटर फेस्टिवल का आयोजन किया गया। धार्मिक आस्था, लोक संस्कृति और प्रकृति के अद्भुत संगम बने इस उत्सव में रंवाई घाटी सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर जन्माष्टमी का उल्लास मनाया।
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा बौखनाग महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद रूपनौल सौड़ में स्थानीय देवी-देवताओं एवं देवी मात्रिकाओं की वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण को दूध, दही, माखन और मिश्री का भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
रूपनौल सौड़ बुग्याल में रंवाई घाटी के मुंगरसंति, दशगी, भंडारस्यूं, बड़कोट संति समेत कई दूरस्थ गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बुग्याल में रात्रि प्रवास किया और शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सामूहिक पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।
बटर फेस्टिवल के दौरान महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक लोक परिधानों में तांदी नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से भर दिया। श्रीकृष्ण रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को देर रात तक आध्यात्मिक वातावरण में बांधे रखा।
रूपनौल सौड़ अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। सैकड़ों एकड़ में फैले इस विशाल बुग्याल के चारों ओर बांज, बुरांश, खीर्सू, मोरू सहित विभिन्न प्रजातियों के घने वन मौजूद हैं, जो इसे रंवाई क्षेत्र के सबसे आकर्षक प्राकृतिक स्थलों में शामिल करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बटर फेस्टिवल केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि रंवाई घाटी की लोक संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़े सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। हर वर्ष जन्माष्टमी पर आयोजित होने वाला यह पर्व क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने के साथ पर्यटन की दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।

