उत्तरकाशी। गंगोत्री विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में डुंडा ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार ने जनसेवा की नई मिसाल पेश करते हुए अपने एक वर्ष के कार्यकाल का पूरा मानदेय गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने मानदेय के बराबर स्वयं की ओर से भी धनराशि जोड़कर क्षेत्र के आठ जरूरतमंद परिवारों की बेटियों को 21-21 हजार रुपये के चेक भेंट किए और रक्षाबंधन के अवसर पर उन्हें राखी भी बंधवाई।
राजदीप परमार ने बताया कि इस पहल के लिए डुंडा ब्लॉक की चारों पट्टियों से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों का चयन किया गया। इसमें ब्राह्मण, राजपूत और अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब परिवारों की बेटियों को शामिल किया गया, ताकि समाज के हर वर्ग तक सहायता पहुंच सके।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजनीति उनके लिए केवल पद और प्रतिष्ठा प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग पहुंचाने का संकल्प है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधि का दायित्व लोगों के सुख-दुख में सहभागी बनना और जरूरतमंद परिवारों का सहारा बनना है।
ब्लॉक प्रमुख ने भविष्य को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि आगे जीवन में जनता जिस भी पद पर सेवा का अवसर देगी, उस पद से मिलने वाले मानदेय को भी इसी प्रकार गरीब परिवारों और बेटियों के हित में समर्पित करने का प्रयास करेंगे।
राजदीप परमार ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में जनता उन्हें गंगोत्री विधानसभा से विधायक बनने का अवसर देती है तो विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन और भत्तों का उपयोग भी जरूरतमंद बेटियों के विवाह और गरीब परिवारों की सहायता के लिए करने की पहल करेंगे।
राजनीतिक गलियारों में राजदीप परमार के इस निर्णय को उनकी जनसेवा की सोच और आगामी राजनीतिक तैयारी, दोनों से जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले एक वर्ष से क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहे राजदीप ने अपने मानदेय को निजी उपयोग में न लेकर गरीब बेटियों के कन्यादान में लगाने का निर्णय लेकर “पद नहीं, सेवा पहले” का संदेश देने का प्रयास किया है।
क्षेत्र में उनकी इस पहल की चर्चा तेजी से हो रही है। कई लोगों ने इसे राजनीति में जनसेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व का सकारात्मक उदाहरण बताया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि “मानदेय से कन्यादान” की यह पहल गंगोत्री विधानसभा की राजनीति में राजदीप परमार को कितनी नई पहचान दिला पाती है।

