नौगांव ।रवांई घाटी में आयोजित होने वाला 65गांव के आरध्य देव रूद्रेश्वर महादेव के राजकीय डांडा देवराणा मेले में आस्था का जन सैलाब हजारों श्रद्धालुओं के साथ उमड़ पड़ा और रूद्रेश्वर महादेव से मन्नत मांगी।
डांडा देवराणा मेला अपनी धार्मिक और पौराणिक व सांस्कृतिक मान्यताओं के लिए अपनी एक अलग पहचान रखता है, जहां रवांई की लोक संस्कृति तांदी नृत्य झूमैलो सहित तमाम पारंपरिक और पौराणिक संस्कृति पर आधारित लोक नृत्य होता है,और स्त्री पुरुष सुदंर परीधानों को पहनकर मेले में पंहुचते हैं।
देवराणा में रूद्रेश्वर महादेव का मंदिर देवदार के घने वृक्षों के बिच बसा है जहां काष्ठ कला का सुंदर और भव्य मंदिर बना हुआ जिसको देखने गत वर्ष हजारों श्रद्धालु देवराणा पंहुचते हैं।
तियां, बजलाडी़, देवलसारी,कंडाऊ थान के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों से लोग यहां वाध्य यंत्रों के साथ पंहुकर नृत्य कर रूद्रेश्वर महादेव का अविवादन करतें हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रूद्रेश्वर महादेव के इस मेले जो नि: संतान पुरूष और स्त्री श्रद्वा से मन्नत मांगते हैं उनकी मनोकामना पूरी होती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सैकड़ों वर्षों से चली आ रही परंपरा यह है कि देव माली रूद्रेश्वर महादेव के मुर्ति दर्शन नाग मुंडेंई से करातें हैं,जो यहां का सबसे पवित्र और आलोकिक क्षण होता है,इसी समय यहां श्रद्वालु मन्नत मांगते हैं।
इस वर्ष कंडाऊ थान की तरफ से देव माली अमन सेमवाल ने मेले में दूरदराज क्षेत्रों से पंहुचे हजारों श्रद्धालुओं को नाग मुंडेंई से मुर्ति दर्शन कराये और आशीर्वाद दिया।
देवराणा मेला में यमुना घाटी क्षेत्र के मुंगरसंति, बड़कोटसंति,रामासेंराईं,कमलसेराईं, जौनसार, जौनपुर,बाबर क्षेत्र भंडारसीयुं सहित सैकड़ों गांवों लोग के लोग पंहुचते हैं।
देवराणा मंदिर समिति के अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर ने बताया कि देवराणा मेला धार्मिक आस्था का बड़ा केंद्र है और पौराणिक लोक संस्कृति का संगम होता है।
उन्होंने उत्तराखंड सरकार का भी आभार जताया कि पौराणिक मेले को राजकीय मेला घोषित किया है।
मेले में देव माली संकित थपलियाल, अमीत नौटियाल, , मंदिर समिति अध्यक्ष जगमोहन ठाकुर, रामप्रसाद थपलियाल,जयेंद्र राणा, संजय थपलियाल, भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, धनीराम, शान्ति प्रसाद, दयाराम बहुगुणा, मोहित थपलियाल, रामचंद्र थपलियाल सहित तमाम श्रद्धालु और माली पुजारी उपस्थित रहे।

