बड़कोट। नौगांव विकासखंड के थान गांव में ऐतिहासिक, पौराणिक एवं धार्मिक महत्व का ऋषि यमदग्नि मेला श्रद्धा, उत्साह और पारंपरिक लोक संस्कृति के रंगों के साथ धूमधाम से मनाया गया। मेले में क्षेत्र के ग्रामीणों के साथ-साथ दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने यमदग्नि ऋषि के दर्शन कर सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना का आशीर्वाद प्राप्त किया।
ठकराल पट्टी के थान गांव स्थित प्राचीन यमदग्नि ऋषि मंदिर में मेले का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुआ। श्रद्धालुओं ने मंदिर में भेंट अर्पित कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
मेले के दौरान मंदिर परिसर में पारंपरिक ‘कपुआ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कपुआ के दौरान देवता अवतरित हुए और देवता के पश्वा मुकेश खंडूड़ी ने नंगे पैर तेजधार वाले फरसों (डांगरे) पर चलकर क्षेत्रवासियों को शांति, सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद दिया। इस अद्भुत धार्मिक परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
मेले में लोक संस्कृति की अनूठी छटा भी देखने को मिली। ग्रामीणों और मेलार्थियों ने पारंपरिक तांदी, रासो और डोली नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। ढोल-दमाऊं की थाप पर देर तक चले सांस्कृतिक आयोजनों में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दूर-दूर से पहुंचे लोगों ने लोकनृत्यों का आनंद लिया और तांदी नृत्य में शामिल होकर मेले को यादगार बना दिया।
इस मौके पर सोमेश्वर देवता के पासव मुकेश खंडूरी प्रधान कनिका डिमरी, प्रधान हरदेव सिंह चौहान, मनवीर चौहान, दीपक बिजल्वाण, अमित डिमरी, सुशील, गिरीश, राहुल ,जगी, विनोद चौहान, हिमांशु सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे

